विधानसभा सत्र: राजीव सैजल बोले- सभी जिलों में खोले जाएंगे नशा मुक्ति केंद्र, नर्सों के 800 पद भरने की प्रक्रिया जारी
हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाएंगे। नशे की रोकथाम के लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर भी नीति बनाई जा रही है। विधायक आशीष बुटेल के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री राजीव सैजल ने सदन में यह जानकारी दी।
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स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाएंगे। नशे की रोकथाम के लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर भी नीति बनाई जा रही है। विधायक आशीष बुटेल के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो सरकारी और 77 गैर सरकारी नशा मुक्ति केंद्र कार्य कर रहे हैं। कुछ केंद्रों में प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल और मारपीट के मामले सामने आए हैं। इस पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कंडाघाट में राज्य स्तरीय नशा मुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है।
विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में सुधार लाने के लिए कुछ समय पहले उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था। पत्र के जवाब में कहा गया है कि प्रदेश सरकार को इससे अवगत कराया गया है। उन्होंने पूछा कि इसको लेकर सरकार ने अभी तक क्या किया है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से आए इस तरह के पत्र की उन्हें जानकारी नहीं है। इस पर रामलाल ठाकुर ने कि इससे बड़ा कोई दुर्भाग्य नहीं हो सकता। विधायक जगत सिंह नेगी ने जिस तर्ज पर प्रदेश में शराब के ठेके खोले जा रहे हैं, क्या उसी तर्ज पर नशा मुक्ति केंद्र भी खोले जाएंगे।
नर्सों के रिक्त 800 पद भरने की प्रक्रिया जारी : सैजल
स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने बताया कि प्रदेश में नर्सों के 800 पद रिक्त हैं। 238 पदों को बैचवाइज भरा जा रहा है। सीधी भर्ती भी जल्द शुरू की जाएगी। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्रश्नकाल के दौरान नर्सिंग संस्थानों से जुड़ा मामला उठाया। स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब में कहा कि एमएसई नर्सिंग में 181, बीएससी नर्सिंग में 1770, पोस्ट प्रेक्टिस बीएससी में 535, जीएनएम नर्सिंग कोर्स में 1540, और एएनएम नर्सिंग कोर्स में 310 सीटें हैं। कुल 4336 सीटें इन संस्थानों में हैं।
हिमाचल के 544 गांवों में नहीं है मोबाइल फोन सिग्नल
हिमाचल प्रदेश के 544 गांवों में मोबाइल फोन सिग्नल की समस्या है। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए आईटी मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि केंद्र सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया गया है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में 4, चंबा में 89, हमीरपुर में 31, कांगड़ा में 16, किन्नौर में 5, कुल्लू में 104, लाहौल स्पीति में 114, मंडी में 98, शिमला में 47, सिरमौर में 9, सोलन में 18 और ऊना में नौ गांवों में मोबाइल फोन सिग्नल की समस्या है। विधायक सुंदर सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन सिग्नल न होने के चलते बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हुई है। राशन डिपो में भी इस कारण सस्ता राशन लेने में परेशानी आ रही है।
अर्की में जगह उपलब्ध होते ही बनाएंगे खेल स्टेडियम : पठानिया
शिमला। खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा है कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में जगह की उपलब्धता होते ही खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। विधायक संजय अवस्थी के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जमीन की उपयोगिता को देख कर काम किया जाएगा। नगर पंचायत की ओर से 45 बीघा जमीन का जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसे जांचने के लिए विभागीय अधिकारियों को मौके पर भेजा जाएगा।
कांगड़ा सहकारी बैंक 82 करोड़ के घाटे में : भारद्वाज
सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि कांगड़ा सहकारी बैंक 82.03 करोड़ रुपये के संचित घाटे में चल रहा है। गत तीन वर्षों में एक फरवरी 2022 तक 16219 खाते एनपीए हुए हैं। विधायक होशियार सिंह के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि बैंक ने पुराने डिफाल्टरों के खिलाफ ऋण वसूली के लिए आरबीट्रेशन, सिविल सूट, सरफासी और व्हीकल सीजर नीति के तहत वसूली शुरू की है। जिन खाताधारकों के खाते कोरोना संकट के दौरान एनपीए में चले गए हैं, उनको अपने ऋण खातों को नियमित करने के लिए राजी किया जा रहा है। जिन्हें ऋण चुकाना मुश्किल हो रहा है, उनके खातों को वन टाइम सेटलमेंट के तहत निपटाया जा रहा है।
कोरोना काल में प्रदेश में 1552 लोगों ने की आत्महत्या
कोरोना काल के दौरान एक मार्च 2020 से एक फरवरी 2022 तक प्रदेश में आत्महत्या के 1552 मामले दर्ज हुए हैं। विधायक रोहित ठाकुर के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस जिला बद्दी में 105, बिलासपुर में 80, चंबा में 54, हमीरपुर में 121, कांगड़ा में 339, किन्नौर में 24, कुल्लू में 85, मंडी में 199, शिमला में 150, सिरमौर में 126, सोलन में 120, ऊना में 148 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा आत्महत्या के लिए उकसाने के 144 मामले दर्ज हुए हैं।