विधानसभा बजट सत्र: सीएम जयराम बोले- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी सुलझाएगी कर्मचारियों के मसले
मुख्यमंत्री जयराम ने बुधवार को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार बातचीत से हर समस्या सुलझाना चाहती है। सरकार ने कर्मचारियों को समय-समय पर लाभ दिए हैं। सरकार प्रदेश में अब माफिया की संपत्ति अटैच करेगी।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर कर्मचारियों के मसले सुलझाएगी। कर्मचारी राजनेताओं की कठपुतली बनकर आंदोलन न करें। सरकार बातचीत से हर समस्या सुलझाना चाहती है। सरकार ने कर्मचारियों को समय-समय पर लाभ दिए हैं। सरकार प्रदेश में अब माफिया की संपत्ति अटैच करेगी। मुख्यमंत्री जयराम बुधवार को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी आंदोलन न कर सीधा सरकार से मसले उठाएं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य कांग्रेस सरकार की एक भी योजना गिनाएं, जिसे याद किया जाता है।
वर्तमान सरकार ने पहले दिन से नई योजनाएं शुरू की थीं। ये मानव कल्याण के साथ गोवंश के संरक्षण के लिए भी चलाई गई हैं। आज प्रदेश में 20 हजार गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। अवैध खनन करने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। कहा कि पूर्व सरकार ने पांच साल में 27, 623 करोड़ राजस्व जुटाया था। वर्तमान सरकार ने चार साल में 27,925 करोड़ जुटाए हैं। इस साल 8,200 करोड़ और जुटाए जाएंगे। अवैध खनन करने वालों के लिए दो साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने किसानों के लिए सात मंडियां खोली हैं। पर्यटन का विकास किया जा रहा है। नए रोप वे बन रहे हैं। साहसिक खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं। पहले दो ऑक्सीजन प्लांट थे और आज 48 प्लांट हैं। पहले 30 वेंटिलेटर थे। अब ये 1014 हैं। 17 हजार ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। इससे पहले विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि वह राज्यपाल के अभिभाषण का समर्थन नहीं कर सकते, क्योंकि इसमें कुछ नहीं है। जनजातीय क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि सिर्फ माफिया का विकास हुआ है।
माकपा विधायक ने नाराजगी जताई
चर्चा में हिस्सा लेने की अनुमति माकपा विधायक राकेश सिघा को नहीं दी जा रही थी तो उन्होंने अध्यक्ष विपिन परमार से नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने भी अपना नाम बोलने वालों की सूची में दिया था। इसके बाद अध्यक्ष ने उन्हें बोलने की अनुमति दी। सिंघा ने कहा कि अभिभाषण में कुछ पढ़ा गया और पिछले बजट में कुछ और लिखा था। लगता है अभिभाषण भी आउटसोर्स में छापा है।