अब हाईकोर्ट की निगरानी में तय होगी निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस
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अगले साल से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र में निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस हाईकोर्ट की निगरानी में बनने वाली हाई पावर कमेटी तय करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार जल्द संसद में एक बिल लाएगी।
इसके बाद पूरे देश के सभी राज्यों के हाईकोर्ट निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस तय करने में अहम रोल अदा करेंगे। दो दिवसीय हिमाचल दौरे पर शिमला पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कुलस्ते ने कहा कि दस साल तक केंद्र की सत्ता पर काबिज रहने के बावजूद यूपीए सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कुछ नहीं किया। दस साल के कार्यकाल में सिर्फ रायबरेली में एक एम्स दिया, जिसे वह शुरू भी नहीं सके। अब हमारी सरकार इस साल के अंत तक एम्स रायबरेली की ओपीडी शुरू करने की कोशिश कर रही है।
हर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी वार्ड
कुलस्ते ने कहा कि आने वाले समय में केंद्र सरकार का ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में तंत्र को मजबूत कर लोगों को नजदीक में ही स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना फोकस रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए नए एम्स के लिए 15 स्थानों को चयनित किया जाएगा।
साथ ही देशभर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी वार्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि एम्स न होने पर भी लोगों को विशेषज्ञ मुहैया हो सकें। इसके लिए केंद्र सरकार डेढ़ सौ करोड़ रुपये हर मेडिकल कॉलेज को अलग से दे रही है।
किसानों की आय बढ़ने से बढ़ेगी देश की ताकत
कुलस्ते ने कहा कि केंद्र ने फसल बीमा योजना शुरू की है, जो किसानों के लिए क्रांतिकारी निर्णय साबित होगा। कहा कि 2019 तक देश के हर किसान को इस योजना में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि देश के किसान की आय बढ़ेगी तो देश भी मजबूत होगा।