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Shimla News: एमसी के पास डंपटिंग साइट न होने पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
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डंपिंग साइट तलाशने के दिए आदेश
अदालत ने आठ सदस्यीय कमेटी का किया गठन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला के पास डंपटिंग साइट न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने आठ सदस्यीय कमेटी का गठन करते हुए डंपिंग साइट तलाशने के दिए आदेश दिए हैं।
कमेटी में एडीएम शिमला, एसडीएम शहरी और ग्रामीण शिमला, अतिरिक्त आयुक्त शिमला नगर निगम, डीएफओ शहरी और ग्रामीण शिमला, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता और एसडीओ शिमला नगर निगम शामिल किया है। अदालत ने कमेटी से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। मामले की सुनवाई 18 अप्रैल को निर्धारित की है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सबसे पुराने नगर निगमों में से एक शिमला नगर निगम के पास पर्याप्त डंपिंग साइट तक नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि शिमला नगर निगम के पास एक डंपिंग साइट होने के अलावा कोई अन्य साइट नहीं है। अदालत ने इसे खेदजनक स्थिति बताते हुए कहा कि इसे गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि निगम ने शहर में जगह-जगह निर्माण कार्य शुरू कर रखा है। लेकिन मलबे को ठिकाने लगाने के लिए निगम के पास पर्याप्त जगह नहीं है। इससे मलबा सड़कों पर फैला रहता है, जो जाम का कारण बनता है।
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अदालत ने आठ सदस्यीय कमेटी का किया गठन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला के पास डंपटिंग साइट न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने आठ सदस्यीय कमेटी का गठन करते हुए डंपिंग साइट तलाशने के दिए आदेश दिए हैं।
कमेटी में एडीएम शिमला, एसडीएम शहरी और ग्रामीण शिमला, अतिरिक्त आयुक्त शिमला नगर निगम, डीएफओ शहरी और ग्रामीण शिमला, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता और एसडीओ शिमला नगर निगम शामिल किया है। अदालत ने कमेटी से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। मामले की सुनवाई 18 अप्रैल को निर्धारित की है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सबसे पुराने नगर निगमों में से एक शिमला नगर निगम के पास पर्याप्त डंपिंग साइट तक नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि शिमला नगर निगम के पास एक डंपिंग साइट होने के अलावा कोई अन्य साइट नहीं है। अदालत ने इसे खेदजनक स्थिति बताते हुए कहा कि इसे गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि निगम ने शहर में जगह-जगह निर्माण कार्य शुरू कर रखा है। लेकिन मलबे को ठिकाने लगाने के लिए निगम के पास पर्याप्त जगह नहीं है। इससे मलबा सड़कों पर फैला रहता है, जो जाम का कारण बनता है।
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