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पीलिया से मौतों पर सीएमओ और पीजीआई से रिपोर्ट तलब

Tue, 23 Feb 2016 10:43 PM IST
Updated Tue, 23 Feb 2016 10:43 PM IST
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high court seeks report from cmo and pgi in jaundice case.

हिमाचल हाईकोर्ट ने राजधानी के लोगों को सीवरेज युक्त पानी पिलाने से फैले पीलिया मामले में अपने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में राज्य सरकार ने मंगलवार को कोर्ट में ताजा स्टेट्स रिपोर्ट दायर की। दूसरे पक्ष के वकीलों की ओर से स्टेट्स रिपोर्ट पर आपत्ति उठाने के बाद कोर्ट ने प्रदेश के सभी सीएमओ से पीलिया से हुई मौतों की जानकारी तलब की है।

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कोर्ट ने पीजीआई के निदेशक को भी आदेश दिए हैं कि वह दिसंबर 2015 से अब तक पीलिया के कारण हुई हिमाचल के लोगों की मौतों का ब्योरा कोर्ट के सामने रखे। वकीलों ने पीलिया के कारण एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार हुई दोनों मौतों की संख्या पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार कोर्ट को गुमराह कर रही है।
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पीलिया के कारण अब तक पूरे प्रदेश में 16 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। सरकार जानबूझ कर सही स्थिति कोर्ट व जनता से छिपा रही है। उधर, राज्य सरकार ने रिपोर्ट में कहा है कि सरकार व्यापक स्तर पर शहरवासियों को उचित व साफ सुथरा पानी मुहैया करवाने के लिए बड़े कदम उठा रही है।
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साफ पानी मुहैया कराने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल एकत्रित कर हर महीने जांच के लिए पुणे स्थित लैब को भेजे जाएंगे। सरकार के अनुसार प्रदेश में ऐसी कोई लैब नहीं है जिसमें पीलिया फैलाने वाले वायरस का पता लगाया जा सके।

एसआईटी रिपोर्ट में पीलिया से सिर्फ दो मौतें

high court seeks report from cmo and pgi in jaundice case.

मामले की जांच कर रही एसआईटी ने भी अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। इस रिपोर्ट के अनुसार 15 फरवरी तक प्रदेश में 2 मौतें पीलिया के कारण हुई। शिमला व सोलन के सरकारी अस्पतालों में पीलिया के कुल 1052 मामले दर्ज किए गए। पीजीआई से रिपोर्ट आना शेष है। एसआईटी ने बताया है की उपमहापौर टिकेंद्र पंवर के आवेदन के बाद ढली पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

6 फरवरी को दर्ज इस प्राथमिकी के आधार पर अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी पर भारतीय दंड सहिंता की धारा 269, 270, 277, 336, 326, 420 और 120 बी के साथ-साथ वाटर पॉल्यूशन एक्ट की धारा 43 व 44 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

चीफ इंजीनियर की अगुवाई में टीम गठित-
रिपोर्ट में बताया गया कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर इन चीफ ने हमीरपुर जोन के चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जो शिमला शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी करेगी।

समय-समय पर इन प्लांटों की गुणवत्ता सुधारने के लिए अपने सुझाव देगी। लोगों को पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सरकार अन्य पेयजल स्रोतों से पानी लिफ्ट करेगी। इसके लिये भी करोड़ों रुपये की राशि के टेंडर शीघ्र ही आमंत्रित किए जा रहे हैं।

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