HP High Court: अधिसूचना की तारीख को टेट पास नहीं होने पर हाईकोर्ट ने रद्द की जेबीटी शिक्षक की नियुक्ति
न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने कहा कि किसी पद के लिए अनिवार्य योग्यता भर्ती के लिए जारी अधिसूचना के समय पूरी होनी चाहिए। अदालत ने अधिसूचना की तारीख को टेट पास न होने पर जेबीटी शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर दी है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भर्ती से जुड़े मामले में अहम व्यवस्था दी है। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने कहा कि किसी पद के लिए अनिवार्य योग्यता भर्ती के लिए जारी अधिसूचना के समय पूरी होनी चाहिए। अदालत ने अधिसूचना की तारीख को टेट पास न होने पर जेबीटी शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर दी है। अदालत ने कहा कि शिक्षक के लिए टेट पास होना अनिवार्य योग्यता है और यह योग्यता उम्मीदवार के पास अधिसूचना जारी होने के समय होनी चाहिए थी। अदालत ने याचिकाकर्ता संदीप कुमार की याचिका को स्वीकार करते हुए यह निर्णय सुनाया। अदालत ने प्रतिवादी ज्योति की नियुक्ति को रद्द करते हुए उप निदेशक शिमला को आदेश दिए हैं कि वह मेरिट सूची के तहत अगले उम्मीदवार को नियुक्ति प्रदान करें। याचिका में आरोप लगाया गया था कि शिमला जिले में जेबीटी की भर्ती के लिए जारी अधिसूचना के समय प्रतिवादी ने टेट पास नहीं किया। अदालत को बताया गया कि शिक्षा विभाग ने 22 जुलाई 2016 को कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू और ऊना को छोड़कर सभी जिलों में जेबीटी की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। शिमला जिले में विभिन्न श्रेणियों के 121 पद भरे जाने थे।
4 अगस्त 2016 को शिमला जिले में 121 पदों को भरने के लिए समय सारिणी अधिसूचित की गई। याचिकाकर्ता और प्रतिवादी ने अनारक्षित शारीरिक विकलांग श्रेणी से आवेदन किया था। अनारक्षित श्रेणी के पदों को भरने के लिए अधिसूचना के तहत 17 और 18 अगस्त 2016 को काउंसलिंग की गई थी और नियुक्ति भी दी गई थी। जबकि, अनारक्षित शारीरिक विकलांग श्रेणी के लिए निर्धारित समय में काउंसलिंग नहीं की गई, जिसे बाद में फरवरी 2017 में पूरा किया गया। इस काउंसलिंग में प्रतिवादी को जेबीटी के पद पर नियुक्ति दी गई। प्रतिवादी की ओर से दलील दी गई थी कि उसने 7 अक्तूबर 2016 को टेट की परीक्षा पास कर ली थी जबकि, अनारक्षित शारीरिक विकलांग श्रेणी के लिए फरवरी 2017 में पूरी की गई। अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन कर पाया कि प्रतिवादी ने अधिसूचना जारी होने के समय टेट की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी। इसके अलावा वह निर्धारित काउंसलिंग के दिन भी टेट पास नहीं थी। हालांकि, फरवरी में होने वाली काउंसलिंग में उसे नियुक्ति दे दी गई थी। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि शिक्षक के लिए टेट पास होना एक अनिवार्य योग्यता है जिसे अधिसूचना जारी होने से पहले पूरा होना चाहिए था।
आईएएस अधिकारी ने सरकारी आवास के लिए दायर की याचिका
हिमाचल सरकार में सेवारत आईएएस अधिकारी ने सरकारी आवास मुहैया करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उद्योग विभाग की विशेष सचिव ने उपायुक्त सोलन पर सरकारी आवास खाली न करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि उसे पहली जुलाई 2023 को सरकारी आवास आवंटित किया गया था। इससे पहले यह आवास उपायुक्त सोलन को आवंटित किया गया था। 8 अप्रैल 2023 को उनका सोलन के लिए स्थानांतरण किए जाने पर भी उन्होंने सरकारी आवास को खाली नहीं किया है। याचिका में दलील दी गई है कि गर्भावस्था को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह आवास आवंटित किया था, लेकिन उपायुक्त सोलन की ओर से इसे खाली न करने पर याचिकाकर्ता ने 24 जुलाई 2023 को मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा। याचिका में बताया गया है कि संपदा निदेशक ने उपायुक्त सोलन को सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किया है। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता को आवंटित इस आवास को खाली नहीं करवाया गया है। याचिका में बताया गया है कि 27 जुलाई 2023 को याचिकाकर्ता का समय से पहले प्रसव हुआ है। याचिका के माध्यम से गुहार लगाई गई है कि संपदा निदेशक को आदेश दिए जाएं कि उपायुक्त सोलन से इस आवास को खाली करवाएं। ब्यूरो