{"_id":"5753b0374f1c1bcb47108b7f","slug":"hgtu-president-virender-chauhan-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"HGTU: अध्यक्ष बाले-निदेशालय में जो हुआ, उससे बहुत आहत हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HGTU: अध्यक्ष बाले-निदेशालय में जो हुआ, उससे बहुत आहत हूं
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 05 Jun 2016 10:23 AM IST
विज्ञापन
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ से बीस पदाधिकारियों के इस्तीफे देने का दावा करने वाले चितरंजन काल्टा के खिलाफ अन्य पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
विज्ञापन
संघ के जिला शिमला अध्यक्ष महावीर कैंथला ने कहा कि संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य एकजुट हैं। कोई भी दोफाड़ नहीं कर सकता। किसी भी पदाधिकारी से संगठन से इस्तीफा नहीं दिया है।
विज्ञापन
शुक्रवार को बीस पदाधिकारियों के इस्तीफे देने का दावा करने वाले चितरंजन कालटा ने संगठन को कमजोर करने का प्रयास किया है। चितरंजन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए संगठन के जनरल हाउस में फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
जिला शिमला अध्यक्ष महावीर कैंथला ने बताया कि जिला महासचिव सतनाम खागटा सहित जितने भी अन्य लोगों के इस्तीफे देने की बात कही गई है, वह झूठ है। सभी लोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान के पक्ष में खड़े हैं।
चितरंजन कालटा को संगठन विरोधी गतिविधियों के लिए संगठन से एक माह पूर्व निकाला गया है। इसीलिए वे अब संगठन को बदनाम करने में जुटे हैं।
उधर, चितरंजन कालटा का कहना है कि उन्हें संगठन से निकाले जाने का कोई भी आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने डाक के माध्यम से सक्षम कमेटी को इस्तीफे भेजे हैं।
स्वार्थी लोग कर रहे संगठन को कमजोर: वीरेंद्र
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि गैर शिक्षक कर्मचारियों की ईमानदारी पर कभी शक नहीं किया है। कुछ स्वार्थी लोग संगठन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने प्रेस
को जारी बयान में कहा कि बीते दिनों शिक्षा निदेशालय में जो कुछ हुआ, उससे बहुत आहत हूं। मैं कभी भी टीचिंग और नॉन टीचिंग के बीच किसी तरह के विवाद का पक्षधर नहीं रहा हूं। मैंने न तो नॉन टीचिंग की ईमानदारी पर कभी शक किया है और न ही कोई अपशब्द कहे हैं।