भारी बारिश ने मचाई तबाही: हिमाचल में 10 घर बहे, तीन की मौत, 12 लोग लापता
प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि एक मुख्याध्यापक और एमबीबीएस की छात्रा समेत 12 लोग लापता हैं। धर्मशाला में करीब 23 साल बाद 24 घंटे के भीतर 395 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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एक महीना इंतजार के बाद सक्रिय हुए मानसून ने सोमवार को देवभूमि हिमाचल में भारी तबाही मचाई। मौसम के कहर से कुछ लोगों की जान चली गई जबकि कई अब भी लापता हैं। मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रदेश भर में 10 घर बह गए हैं। कई परिवारों के सिर से छत छिन गई है। प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि एक मुख्याध्यापक और एमबीबीएस की छात्रा समेत 12 लोग लापता हैं। धर्मशाला में करीब 23 साल बाद 24 घंटे के भीतर 395 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। शाहपुर की बोह घाटी में दरिया किनारे छह घर बह गए। यहां एक महिला का शव मिल गया है जबकि 9 से 10 लोग मलबे में दबे हैं।
चार लोगों को जिंदा बचाया गया है। अन्य घरों को खाली करवा लिया गया है। दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। वहीं, नगरोटा बगवां में दस साल की लड़की बह गई, जिसका शव 300 मीटर दूर मिला है। पर्यटन स्थल भागसूनाग में 12 कारें, एक दर्जन मोटरसाइकिलें और शीला चौक में दो पुल बह गए। शीला चौक के पास एक श्मशानघाट बह गया और पासू में प्राइमरी स्कूल में पांच फीट तक पानी भर गया। शिमला जिला के जुब्बल के झाल्टा संपर्क मार्ग पर कटिंडा के समीप चलती गाड़ी पर पत्थर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कुल्लू जिला के मनाली के हमटा में एमबीबीएस की छात्रा वाटरफॉल में गिरने से लापता हो गई है। लाहौल स्पीति के उदयपुर के किशोरी गांव में बारिश के बीच गाड़ी चला रहे सरकारी स्कूल के मुख्याध्यापक चिनाब नदी में गिरने के बाद लापता हैं। उनकी भी तलाश की जा रही है।
कांगड़ा के एसपी बोले- बादल फटने की आशंका
कांगड़ा जिला के एसपी विमुक्त रंजन ने शाहपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर बोह घाटी में बादल फटने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि यहां भूस्खलन के चलते दर्जन भर मकान मलबे में दब गए हैं। मलबे से एक महिला का शव निकाल लिया है। 4 लोगों को जिंदा बचाया गया है। 9 से 10 लोग और दबे हैं, जिन्हें निकालने की कोशिश जारी है। मलबे में दबे लोगों के जिंदा होने की संभावना बेहद कम है। वहीं, बारिश की वजह से बोह घाटी तक सड़क संपर्क टूट गया था। बिजली और मोबाइल सिगनल बंद थे। डीसी निपुण जिंदल और एसपी विमुक्त रंजन दो किलोमीटर पैदल चलकर बोह घाटी में घटनास्थल पर पहुंचे।
बिजली गुल, पानी की सप्लाई ठप
बिजली पोल और तारें टूटने से प्रदेश में 137 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। कई जगह बिजली सप्लाई ठप है। कई क्षेत्रों में गाद आने से पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। राजधानी शिमला सहित कई जगह पीने के पानी का संकट गहरा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल सरकार से बात कर बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमें रवाना कर दी हैं। इसके साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।
केंद्र ने हिमाचल भेजी एनडीआरएफ की टीमें
देवभूमि में भारी बारिश से तबाही के बीच केंद्र ने प्रदेश सरकार से बात कर बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमें रवाना कर दी हैं। साथ ही प्रदेश की हर मदद का आश्वासन दिया है।
प्रदेश भाजपा कार्यकर्ता राहत एवं बचाव कार्य में जुट जाएं। लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल्द से जल्द प्रभावित इलाकों में पहुंचें। - जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
देवभूमि हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के रौद्र रूप से निपटने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार बेहतर समन्वय के साथ काम कर रही है। सभी पर्यटकों व आमजनों से अपील है कि वे सावधानी बरतें। - अनुराग ठाकुर, केंद्रीय युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री
जिलों के प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में अविलंब राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोग और पर्यटक नदी-नालों के किनारे न जाएं। - जयराम ठाकुर, हिमाचल के मुख्यमंत्री