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हर्ष महाजन का छलका दर्द: बोले- मां-बेटे का चल रहा राज, प्रदेश में छुटभैया नेता, पार्टी का कोई विजन नहीं
Wed, 28 Sep 2022 07:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 28 Sep 2022 07:13 PM IST
सार
हर्ष महाजन ने कहा कि कांग्रेस लीडरलेस हो गई है। न विजन है न जमीनी स्तर पर कोई काम हो रहा है। वीरभद्र सिंह के जाने के बाद कुछ भी नहीं रहा। मां-बेटे का राज है। छुटभैया नेता घूम रहे हैं।
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हर्ष महाजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा का दामन थामने के बाद हर्ष महाजन का दर्द छलका। उन्होंने प्रेस वार्ता में कई खुलासे किए। हर्ष महाजन ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से पीछा छुड़ाया है। जब तक वीरभद्र सिंह थे, तो वहां पर थोड़ी-बहुत कांग्रेस थी। वह वीरभद्र सिंह के राजनीतिक सलाहकार रहे हैं। राज्य के सारे चुनाव देखता था। आज कांग्रेस दिशाहीन है। न विजन है और न नेता है। न ही ग्रास रूट लेवल पर काम करने की क्षमता है। थोड़ी देर ही काम करते हुआ है।
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कांग्रेस का जितना लॉजिस्टिक्स है या दूसरे अभियान हैं, वे उन्हें देख रहे थे। राजनीतिक अभियान भी वही हैंडल कर रहे थे। वीरभद्र के जाने के बाद कुछ नहीं रहा, दिल्ली की तरह यहां भी मां-बेटे का राज है। अब कांग्रेस हिमाचल में नहीं जीतेगी। मोदी लोकप्रिय है। उनका दूर का दृष्टिकोण है। भाजपा रिपीट करेगी। उन्हें चुनाव से हटाने वाले भी वीरभद्र सिंह थे, जो यह कहते थे कि उन्हें राज्य के चुनाव देखने हैं।
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पार्टी दिशाहीन नहीं, नेता हो गए हैं संघर्षहीन : आशा
हर्ष महाजन के भाजपा में शामिल होने पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने ट्वीट किया कि पार्टी दिशाहीन नहीं, बल्कि 45 वर्षों तक संगठन से सम्मान और पद पाने वाले नेता संघर्षहीन हो गए हैं। ऐसे मौकापरस्त लोग जब अंधभक्ति स्वीकार कर लें तो समझ जाना चाहिए कि स्वार्थ, स्वहित और अहंकार उनके सिर चढ़ चुका है। आशा कुमारी ने लिखा कि वरिष्ठ नेता उम्र से नहीं निष्ठा, ईमानदारी और संघर्ष से बनते हैं।
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