फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Harbhajan Singh said - Efforts will be made to reach the heritage trolley to Barot

Mandi News: हरभजन सिंह बोले- हेरिटेज ट्रॉली को बरोट तक पहुंचाने का होगा प्रयास

Sat, 08 Apr 2023 08:44 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 08 Apr 2023 08:44 PM IST
सार

नौ दशक पुरानी ट्रॉली का आधारभूत ढांचा भी नए स्वरूप में दिखेगा। पंजाब का विद्युत बोर्ड लोहे और लकड़ी की बनी ट्रॉली को मेट्रो ट्रेन की तरह विकसित करने की तैयारी की जा रही है। 

विज्ञापन
Harbhajan Singh said - Efforts will be made to reach the heritage trolley to Barot
पंजाब राज्य के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह - फोटो : संवाद

विस्तार

 पंजाब राज्य के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि एशिया के सबसे पहले रोपवे पर दौड़ने वाली हेरिटेज ट्रॉली को बरोट तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। नौ दशक पुरानी ट्रॉली का आधारभूत ढांचा भी नए स्वरूप में दिखेगा। पंजाब का विद्युत बोर्ड लोहे और लकड़ी की बनी ट्रॉली को मेट्रो ट्रेन की तरह विकसित करने की तैयारी की जा रही है। हेरिटेज ट्रॉली और रोपवे के जीर्णोद्धार पर अनुमानित तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने परियोजना के उच्चाधिकारियों के साथ वींच कैंप तक ट्रॉली में सफर करने के बाद यह जानकारी मीडिया से साझा की। उन्होंने बताया कि करीब 16 सौ मीटर स्टील रोपवे को भी बदला जा चुका है। इससे रोमांच का सफर और भी सुरक्षित होगा। बफर जोन से वींच कैंप तक करीब ढाई किलोमीटर तक स्टील रोप को बदलने के साथ-साथ चार किलोमीटर ट्रैक को 2,300 नए स्लीपरों से चकाचक कर दिया गया है।

विज्ञापन


हेरिटेज ट्रॉली के लोहे के ढांचे को स्टील में बदलकर इसे मेट्रो की लुक दी जाएगी। इसमें करीब 15 से 20 लोग एकसाथ सफर कर सकेंगे। इसका लाभ पर्यटकों को भी मिले, इस पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। पंजाब राज्य के ऊर्जा मंत्री ने बरोट पहुंचकर पुरानी और नई रेजरवायर का निरीक्षण किया और बैटी होम में रात्रि ठहराव कर शानन पावर हाउस के इतिहास से जुड़ी जानकारियां भी हासिल कीं। शानन परियोजना के अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार ने बताया कि हेरिटेज ट्रॉली को नया स्वरूप दिलाने के लिए ऊर्जा मंत्री ने भी हामी भरी है। जबकि, परियोजना प्रबंधन ने हेरिटेज रोपवे पर रोमांच के सफर को और भी सुरक्षित करने के लिए जहां स्टील रोप को बदला है। वहीं, दशकों पुराने बिछे लकड़ी के स्लीपरों को भी नए सिरे से बदलकर स्थापित कर दिया है।
विज्ञापन


जोगिंद्रनगर में 1926 में स्थापित हुआ था एशिया का पहला रोपवे
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के शानन में एशिया का पहला रोपवे वर्ष 1926 में स्थापित हुआ था। उस दौरान रेजरवायर के निर्माण के साथ पैनस्टॉक की पाइपलाइन बिछाने के लिए ब्रिटिश नागरिक कर्नल बैटी ने इसका इस्तेमाल किया था। बफर जोन से वींच कैंप तक करीब साढ़े चार किलोमीटर टैंक पर अभी भी दो ट्रॉलियां आवागमन करती हैं। वींच कैंप से जीरो प्वाइंट बरोट तक के खस्ताहाल ट्रैक को दुरुस्त कर ट्रॉली बरोट तक पहुंचाने पर भी मंथन शुरू हुआ है। कांउटर वेट टेक्नोलॉजी के माध्यम से 110 शानन पावर हाउस के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी भरकम मशीनरी को बरोट स्थित रेजर वायर में पहुंचाने के लिए इसको इस्तेमाल में लाया गया था। मौजूदा समय में परियोजना के पैन स्टॉक और पाइपलाइन की देखरेख और मरम्मत के लिए हेरिटेज ट्रॉली को परियोजना के कर्मचारियों के लिए प्रयोग किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed