फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   handicraft national award for chamba rumal to Anita and Anjali

उपलब्धि: चंबा रुमाल के लिए अनिता और अंजलि को मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार

Mon, 30 Aug 2021 09:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
अमर उजाला नेटवर्क, चंबा Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 30 Aug 2021 09:04 PM IST
सार

वर्ष 2018 में उद्योग विभाग ने इनके नाम भेजे थे, अब इनका चयन हुआ है। अंजलि ने आठ माह की कड़ी मेहनत के बाद रेशम के रुमाल पर दुर्गा मां के दस अवतारों को उकेरा है।

विज्ञापन
handicraft national award for chamba rumal to Anita and Anjali
अंजलि वकील और अनिता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध चंबा रुमाल को नई बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए अंजलि वकील और अनिता का चयन हस्तशिल्पी राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ है। राष्ट्रपति अक्तूबर या नवंबर में इन्हें एक-एक लाख रुपये की धनराशि और ताम्रपत्र देंगे। वर्ष 2018 में उद्योग विभाग ने इनके नाम भेजे थे, अब इनका चयन हुआ है। अंजलि ने आठ माह की कड़ी मेहनत के बाद रेशम के रुमाल पर दुर्गा मां के दस अवतारों को उकेरा है। अनिता ने बगीचे में नायक-नायिकाओं के साथ नीले रंग में राधा-कृष्ण रुमाल पर उकेरे हैं। इसके लिए उन्हें साढ़े चार महीने का वक्त लगा है। 

विज्ञापन


सास से सीखी कारीगरी को शिखर ले जाऊंगी : अंजलि
अंजलि वकील ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए पूरा श्रेय अपनी सास ललिता वकील को दिया है। तीन राष्ट्रीय पुरस्कार, शिल्पगुरु, नारी शक्ति आदि पुरस्कार हासिल करने वाली ललिता वकील बहू अंजलि को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से गदगद हैं। उन्होंने कहा कि चंबा रुमाल को जीवित रखने की परंपरा को अब बहू आगे लेकर जाएगी।
विज्ञापन


वहीं, अंजलि ने बताया कि वर्ष 2006 में  उनकी शादी अमित वकील से हुई। शादी के बाद वह अक्सर सास ललिता को रेशम के कपड़े पर रंग-बिरंगे धागों से कारीगरी कर रुमाल तैयार करते देखा करती थीं। यहीं से उन्हें भी रुमाल बनाने की ललक उठी। सास से सीखी कारीगरी से गरीब परिवारों की लड़कियों को अपने पांव पर खड़ा करना ही अब उनका लक्ष्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मां ने सिखाया, ससुराल वालों ने आगे बढ़ाया : अनिता
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित अनिता ने बताया कि वह 18 वर्ष से चंबा रुमाल बना रही हैं। उनकी मां बीना देवी को इसमें महारत हासिल है। मां को महीन कारीगरी से रुमाल बनाता देख उन्हें भी इसमें कुछ कर दिखाने की जिज्ञासा जागी। उन्होंने मां से पूरी लग्न से रुमाल बनाना सीखा। शादी के बाद पति लाल चंद गांव धडयानू डाकघर पुखरी गईं तो ससुराल पक्ष ने भी उनके हुनर को पहचाना।


ससुराल ने प्रोत्साहित कर उन्हें आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि चंबा रुमाल को ख्याति दिलाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। विभाग द्वारा चंबा कढ़ाई के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भी बुलाया जाता है। वह अब तक 300 युवतियों और महिलाओं को चंबा रुमाल का प्रशिक्षण अपने स्तर पर दे चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed