हिमाचल में तूफान-ओलावृष्टि से भारी तबाही, एक की मौत
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हिमाचल में तूफान,बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से भारी नुकसान हुआ है। चंबा के तीसा में बिजली गिरने से युवक की मौत हो गई है। घटना में महिला भी घायल हुई है। इसके अलावा भैंसों के मरने की सूचना भी है। वहीं कई इलाकों में ओलावृष्टि होने से फसलें तबाह हो गई हैं।
शिमला के रामपुर में श्राईकोटी मंदिर के साथ लगती पहाड़ी पर बिजली गिरने से आठ मवेशियों की मौत हो गई। उधर, कुल्लू, निचार, रोहड़ू सहित अपर के कई क्षेत्रों में ओलों से सेब की फसल को भारी नुकसान की सूचना है।
चंबा जिले के अमरोठ धार में बिजली गिरने बरकत अली (17) पुत्र मीरु निवासी शिलेरा की मौत हो गई। युवक मवेशियों के साथ रह रहा था। हादसा धार नामक स्थान के पास हुआ। यहां पर कोई बस्ती नहीं है। गुज्जर समुदाय के लोग गर्मियों के दौरान अपने मवेशियों को लेकर वहां रहते हैं।
मौसम की मार से बैकफुट पर बागवान, बर्बाद हुआ सेब
कुल्लू में भारी ओलावृष्टि से सेब को नुकसान हुआ है। दस मिनट के भीतर दस करोड़ का नुकसान आंका गया है। ओलों से सेब के साथ पलम और नाशपाती को नुकसान हुआ है। मौसम की सबसे अधिक मार ऊझी घाटी के पतलीकूहल क्षेत्र, मणिकर्ण घाटी के जल्लूग्रां और शाट पंचायत के साथ बंजार की तीर्थन और तीन कोठी इलाके में हुई है।
शिमला के उपमंडल रोहड़ू में मौसम की मार से बागवान बैकफुट पर आ गए हैं। ओलावृष्टि से बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। समरकोट पंचायत सहित सुंगरी, खदराला नाडु, भलूण, कुई क्षेत्रों में ओलों ने सेब सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इधर, जिला सोलन में सोमवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई है।
किसान इस बारिश को मक्की की बिजाई के लिए अच्छा मान रहे हैं। टमाटर, शिमला मिर्च और बैंगन की फसल के लिए भी यह बारिश से राहत भरी मानी जा रही है। निचार खंड में रविवार देर शाम भारी ओलावृष्टि हुई। इससे नकदी फसल सेब, खुमानी, बादाम, आड़ू, नाशपाती, बैमी, चुल्ली, दालें, सब्जियों पूरी तरह बर्बाद हो गई।
ऊना में तेज अंधड़, उखड़ गए पेड़
जिला में देर रात चले तेज अंधड़ के कारण लोगों का काफी नुकसान हुआ है। सड़कों पर पेड़ उखड़ कर गिर गए। कई जगहों पर बिजली लाइन को क्षति पहुंची है। बिजली के खंभे टूटने से कई गांवों में पूरी रात विद्युत सप्लाई बाधित रही।
अंधड़ के कारण लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। ऊना शहर में कई दुकानों के बाहर लगे बोर्ड भी अंधड़ से उड़ गए। सुबह के समय दुकानदार बोर्ड ढूंढते हुए नजर आए।