बेरोजगारी भत्ते पर परिवहन मंत्री ने अपनी ही सरकार को दी नसीहत
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कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में शामिल बेरोजगारी भत्ता देने के वायदे पर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को नसीहत दी है। इस मामले में बेशक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दो टूक कहा है कि बेरोजगारी भत्ता देना व्यावहारिक नहीं, लेकिन बाली की इस मसले पर राय अलग है।
नूरपुर में मंगलवार को बस अड्डे का शिलान्यास करने आए बाली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बेरोजगारी भत्ता देने से प्रदेश सरकार के खजाने पर कोई ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक साल में तकरीबन सवा सौ करोड़ रुपये का प्रावधान कर बेरोजगारी भत्ता दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर बिजली, पानी, राशन या अन्य क्षेत्रों में लोगों को सब्सिडी दी जा सकती है तो बेरोजगारी भत्ते के लिए भी ऐसा कुछ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैसे भी बेरोजगारी भत्ता देने का मुद्दा कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र का एक मुख्य बिंदु था।
बेरोजगार युवाओं से किया धोखा आया सामने : भाजपा
उधर, भाजपा ने कहा कि कांग्रेस का बेरोजगार युवाओं के साथ किया गया धोखा सामने आया है। भाजपा के विधायक बलदेव तोमर, सुरेश कश्यप, राजीव सहजल, केएल ठाकुर, गोविंद राम शर्मा ने कहा के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का यह कहना कि कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र अनुभव हीन लोगों द्वारा बनाया गया है। यह हिमाचल की जनता के साथ खुले आम धोखा है।
जिस घोषणा पत्र की सीढ़ी पर चढ़ कर वीरभद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, अब वह उस घोषणा पत्र को ही नकार रहे हैं। जिस घोषणा पत्र के सभी वायदे पूरा करने का शोर मुख्यमंत्री महोदय ने हर बार किया अब उस घोषणा पत्र से ही मुकर गए। भाजपा विधायकों ने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने बेरोजगार युवकों को मजाक बना दिया है।
उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है उनकी रोजी रोटी छीनी है। ऐसी सरकार से जनता का मोह भंग हो गया है। भाजपा विधायकों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी व सरकार आमने सामने आ कर खड़े हो गए है । कांग्रेस की अंदरूनी कलह चरम सीमा पर पहुंच गया है। इस कलह में हिमाचल की जनता पिस रही है। उन्होंने कहा कि अब केवल सत्ता परिवर्तन ही प्रदेश को बचाने का एक मार्ग बचा है।