डीसी ऑफिस धर्मशाला के बाहर विद्यार्थियों के साथ धरने पर बैठे जीएस बाली
जीएस बाली ने कहा कि अभी तक प्रदेश में 50 प्रतिशत छात्रों को भी वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में सरकार विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने की बात कर रही है, जो विद्यार्थियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई है तो ऑनलाइन परीक्षाएं भी ली जा सकती हैं।
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यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई की ओर से विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए की जा रही सांकेतिक भूख हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को धर्मशाला डीसी कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों के समर्थन में पूर्व मंत्री जीएस बाली भी धरने पर बैठे। इस दौरान उन्होंने धरने पर बैठे विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि अगर सरकार विद्यार्थियों की मांगों को नहीं मानती है तो इस आंदोलन को सड़कों पर भी लाया जाएगा। विद्यार्थियों की जान के साथ सरकार को खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा। जीएस बाली ने कहा कि अभी तक प्रदेश में 50 प्रतिशत छात्रों को भी वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में सरकार विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने की बात कर रही है, जो विद्यार्थियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई है तो ऑनलाइन परीक्षाएं भी ली जा सकती हैं। बाली ने आरोप लगाया कि सरकार हर मोर्चे पर फेल है। कोरोना में कितने लोगों की जान चली गई, लेकिन आज तक सरकार ने उनके परिजनों की सुध नहीं ली। बाली ने कहा कि कोरोना की वजह से लाखों लोग बेरोजगार हो गए और कई बेरोजगार होने की कगार पर हैं, लेकिन सरकार न तो बेरोजगारी पर लगाम लगा पाई और न ही महंगाई पर। आज आम जनता का जीवन मुश्किल होगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल, डीजल, दाल और सरसों के तेल से लेकर हर चीज महंगी होती जा रही है, लेकिन सरकार महंगाई पर लगाम नहीं लगा सकी है।