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जंगल की आग बुझाने के लिए युद्ध स्तर पर चलेगा अभियान, मंत्री ने जारी किए निर्देश

Fri, 01 Jun 2018 08:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 01 Jun 2018 08:47 AM IST
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 govt will launch Campaign to control forest fire in himachal

हिमाचल में जंगल की आग बुझाने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलेगा। 1 अप्रैल से अब तक सूबे में लगी 1543 आग की घटनाआें, डेढ़ करोड़ की वन संपदा के नुकसान और आधा दर्जन से ज्यादा मौत व घायल होने के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार की नींद टूटी है।

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वीरवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने प्रदेश के सभी डीएफओ व कंजरवेटर के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बैठक कर जरूरी निर्देश दिए। कंजरवेटरों से मिले फीडबैक के बाद
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निर्णय हुआ कि 1 जून से आग लगाने वालों पर तत्काल एफआईआर कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन विभाग प्रदेश के अन्य विभागों की मदद से जंगल की आग पर काबू पाने के लिए महाअभियान चलाएगा।

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विभाग करीब चार सौ और फायर वाचर तैनात करेगा

 govt will launch Campaign to control forest fire in himachal

वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि इस अभियान में वन के अलावा पंचायती राज, पुलिस, अग्निशमन समेत, ग्रामीण विकास, जिला प्रशासन व वायु सेना समेत कई विभागों की मदद ली जाएगी।

बताया कि विभाग करीब चार सौ और फायर वाचर तैनात करेगा ताकि छोटी आग की भी सूचना विभाग को मिल जाए और उसे विकराल होने से पहले ही रोका जा सके। इसके अलावा जनजागरण अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि

लोग आग की स्थिति में सजग रहकर विभाग की मदद करें और खुद भी जंगल में आग लगने का कारण न बनें। बताया कि अभी तक की जानकारी के अनुसार 95 फीसदी आग मानवीय गलती की वजह से हो रही है।

बिलासपुर में सबसे कम आग की घटनाएं

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अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर ने बताया कि आग की सबसे ज्यादा घटनाएं मंडी, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर में हुई है जबकि सबसे कम आग बिलासपुर में लगी है। इसके पीछे कारण यह है कि वहां सबसे ज्यादा चीड़ के पत्ते इकट्ठा कर जंगल साफ रखा गया।

कहा कि यही वजह है कि शुक्रवार से प्रदेशभर में चीड़ के जंगलों की सफाई और फायर लाइन की सफाई पर जोर दिया जाएगा ताकि आग लगने वाली चीज न होने से आग लगने या बढ़ने की गुंजाइश कम हो जाए।

इन वजहों से लग रही है आग

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पीसीसीएफ डॉ. जीएस गोराया ने बताया कि सबसे ज्यादा आग की घटनाएं घासनियों की आग की वजह से हो रही हैं। घासनियों से आग जंगल में फैल रही है। इसके अलावा कुछ मामलों मेें बीड़ी, सिगरेट की वजह और कुछ जंगलों में चीड़ के पत्ते न हटाने की वजह से आग विकराल रूप ले रही है।

बताया कि प्रदेश के ठियोग में सिर्फ एक के बाद एक कई जगह आग लग रही है जिन्हें काबू पाने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा सभी जगह आग को काबू पाया जा रहा है।

ये हुए हैं अब तक आग के शिकार

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मंत्री के अनुसार जंगल की आग से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि छह लोग घायल हुए हैं। विभाग के अनुसार मरने वालों में डिप्टी रेंजर अशोक के अलावा सुन्नी की मंजू देवी और आग बुझाने के लिए वन विभाग का सहयोग करने वाले वालंटियर सतविंदर शामिल हैं।

घायलों में जसवां के सुरेश, सुन्नी की महेश्वरी, भटियात के राकेश, अनूप और केवल शामिल हैं। इसके अलावा सतीश कुमार नाम के एक शख्स भी जंगल की आग से घायल हुए हैं। हालांकि, आग की वजह से प्रदेश भर में अभी तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

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