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घर का टॉयलेट गंदा मिला तो तो देना पड़ेगा इतना जुर्माना
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:01 AM IST
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खुला शौच मुक्त घोषित हिमाचल में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंचायत प्रतिनिधि और महिला मंडल सप्ताह में एक बार लोगों के घरों में बने शौचालयों का निरीक्षण करेंगे। गंदगी पाए जाने पर पहली बार चेतावनी और दूसरी बार एक हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा।
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सरकार ने जुर्माना लगाने की शक्तियां देने के साथ ही पंचायतों को हर माह स्वच्छता की रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं। घर के आसपास गंदगी होने पर भी भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधि और महिला मंडल खुले में शौच करने वालों पर भी नजर रखेंगे। पकड़े जाने पर इन्हें दंडित किया जाएगा।
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यहीं नहीं अगर घर से 10 मीटर की दूरी पर भी गंदगी फैली मिली तो इसके लिए भवन मालिक जिम्मेदार होंगे। पंचायतों में जब भी ग्राम सभा होगी उसमें विकास कार्यों की शेल्फ के साथ-साथ स्वच्छता रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी।
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इसमें लोगों को जुर्माने, कार्रवाई और साफ-सफाई को लेकर नए कदम उठाने के बारे में बताया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक आर सेलबम ने माना कि पंचायतों और महिला मंडलों को स्वच्छता के निरीक्षण का जिम्मा सौंपा गया है। जुर्माना लगाने की शक्तियां भी दी गईं हैं।
अब परिवार अलग करने के लिए कड़े किए नियम
प्रदेश सरकार ने परिवार अलग होने के नियम कड़े कर दिए हैं। अब शौचालय होने की स्थिति में ही पंचायत परिवार रजिस्टर में लोगों के अलग होने का पंजीकरण हो सकेगा। हिमाचल में ऐसे परिवार हैं, जिनमें भाई एक ही परिवार और घर में रहते हैं, लेकिन परिवार रजिस्टर में इनकी एंट्री अलग-अलग दर्शाई गई है। परिवार में अलग-अलग शौचालय होने की स्थिति में अलग परिवार का पंजीकरण होगा। ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतों को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं।
जारी आदेशों के मुताबिक जब पंचायत से कोई भी व्यक्ति परिवार रजिस्टर में अपना परिवार अलग करना चाहेगा। आवेदन के बाद पंचायत प्रधान या सचिव घर का निरीक्षण करेंगे। इसी स्थिति में घर में अलग चूल्हा और शौचालय होना जरूरी होगा। अगर मौके पर यह नहीं पाया जाता है तो रजिस्टर में परिवार अलग नहीं होगा।
इसलिए किया जरूरी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण विकास विभाग ने शौचालय होना अनिवार्य किया है। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक आर सेलबम ने कहा है कि इस बारे में पंचायतों को निर्देश जारी किए गए हैं। शौचालय होने की स्थिति में ही अलग से परिवार की एंट्री होगी।