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हिमाचल: सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर फीस माफ करने की तैयारी, जानें जेसीसी बैठक के मिनट्स में क्या-क्या हुआ

Thu, 23 Dec 2021 11:06 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 23 Dec 2021 11:06 AM IST
सार

 छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ाए जाने वाले इस वैकल्पिक विषय की हर महीने प्रति विद्यार्थी 110 रुपये फीस ली जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार इसके लिए प्रावधान करेगी। वित्त और योजना विभागों ने अब इस पर कसरत शुरू कर दी है।

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govt gave inprinciple approval: Preparation to waive computer fees in Himachal government schools
स्कूल(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की कंप्यूटर फीस माफ करने की तैयारी है। छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ाए जाने वाले इस वैकल्पिक विषय की हर महीने प्रति विद्यार्थी 110 रुपये फीस ली जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार इसके लिए प्रावधान करेगी। वित्त और योजना विभागों ने अब इस पर कसरत शुरू कर दी है। सरकार के इस सैद्धांतिक निर्णय से सूबे के लाखों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। बुधवार को जारी हुए जेसीसी बैठक के मिनट्स में इसकी जानकारी दी गई है। बीते दिनों हुई जेसीसी की बैठक में यह मामला उठा था। कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा था कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाया जा रहा है। इसके लिए प्रतिमाह विद्यार्थियों से 110 रुपये की फीस ली जाती है। गरीब परिवारों से संबंधित विद्यार्थी इस फीस को चुकाने में असमर्थ होने के चलते डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा लेने से छूट रहे हैं। ऐसे में 110 रुपये की कंप्यूटर फीस को माफ किया जाए। 

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प्रैक्टिकल अलाउंस बढ़ाने पर वित्त महकमे से होगी चर्चा

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे विज्ञान शिक्षकों को मिलने वाले प्रैक्टिकल अलाउंस को 150 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का मामला भी बैठक में उठा। अलाउंस को बीते बीस वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है। इस पर शिक्षा विभाग ने मामले को वित्त विभाग से उठाने की बात कही है।

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फोरेस्ट गार्ड की तर्ज पर बनेंगे माइनिंग गार्ड के भर्ती और पदोन्नति नियम

उद्योग विभाग में माइनिंग गार्ड के भर्ती एवं पदोन्नति नियम फोरेस्ट गार्ड की तर्ज पर बनाने की मांग उठी। सरकार ने इस मांग को लेकर पे स्केल जारी होने के बाद विचार करने का आश्वासन दिया है। इन दोनों श्रेणियों का कामकाज एक तरह का होने पर माइनिंग गार्ड के लिए भी फारेस्ट गार्ड की तर्ज पर पे स्केल देने की मांग हुई है।

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मुख्यमंत्री पर छोड़ा न्यूनतम वेतनमान, नियमितीकरण के फैसले

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों को 18 हजार रुपये का न्यूनतम वेतन देने मामला भी जेसीसी बैठक में उठा था। इसको लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद फैसला लेने की सहमति बनी है। इसी तरह शिक्षा विभाग में सेवारत पार्ट टाइम वाटर कैरियर और इनसे संबंधित अन्य श्रेणियों को नियमित करने का मामला भी मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार पूरा करने की बात जेसीसी के मिनट्स में कही गई है।

डिप्लोमा करने वालों को जेई बनने में नहीं मिलेगी छूट

 जल शक्ति विभाग के तहत नियुक्त वर्क इंस्पेक्टरों को डिप्लोमा के आधार पर जेई बनने के लिए छूट नहीं दी जाएगी। जेसीसी बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि डिप्लोमा होल्डरों का कोटा पूरा हो चुका है। अब छूट देने का कोई विचार नहीं है। उधर, महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारियों के कार्यालयों में अधीक्षक ग्रेड टू के पदों के सृजन के लिए मामला वित्त विभाग के समक्ष उठाया जाएगा। 

दोबारा से खोले जाएं प्रशिक्षण स्कूल

  • स्वास्थ्य विभाग में पुरुष, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए स्कूल खोलने की योजना है।
  • फार्मासिस्ट, मुख्य फार्मासिस्ट के पदों का नामकरण और मुख्य फार्मासिस्ट ग्रेड - पे को फार्मेसी अधिकारी में बदलने की सिफारिश
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की तरह स्वास्थ्य विभाग आरकेएस और रेडक्रॉस सोसायटी, उपायुक्त कार्यालयों आदि में सेवाएं देने वाले कर्मियों को नियमित वेतनमान देने का प्रस्ताव, अनुबंध पर 20 वर्ष से अधिक की सेवा देने वाले कर्मियों का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
  • स्टाफ  नर्स, वार्ड सिस्टर और मैटर्न  के पदों का नाम बदलकर नर्सिंग अधिकारी, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी और मुख्य नर्सिंग रखने की सिफारिश

पदोन्नति को विभागीय परीक्षा में छूट पर मुख्य सचिव करेंगे मंथन

शिक्षा विभाग में 55 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पदोन्नति के लिए विभागीय परीक्षा से छूट देने के मामले पर मुख्य सचिव मंथन करने के बाद फैसला लेंगे। जेसीसी बैठक में महासंघ की ओर से इस मामले को उठाते हुए विभागीय परीक्षा में छूट मांगी गई थी। कहा था कि अधीक्षक ग्रेड वन से पदोन्नति के लिए 55 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को विभागीय परीक्षा में छूट दी जाए। 

पुलिस के लिए ये फैसला
पुलिस कर्मियों को अतिरिक्त माह के वेतन के साथ राशन भत्ता 210 से बढ़ाकर तीन हजार रुपये, आठ के बजाए दो साल बाद नियमित किया जाना। दमकल विभाग के कर्मचारियों में नीति बनाई जाना, अन्य विभागीय कर्मचारियों के समान वेतनमान में शामिल किया जाना।

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