Literature Festival Shimla: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद बोले- देश के पास 5000 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत
केरल के राज्यपाल और जाने-माने विद्वान आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि देश के पास 5000 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत है। यहां उपनिषदों के दर्शन से लेकर सूफी साहित्य को जोड़कर देखा गया।
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केरल के राज्यपाल और जाने-माने विद्वान आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि देश के पास 5000 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत है। यहां उपनिषदों के दर्शन से लेकर सूफी साहित्य को जोड़कर देखा गया। उन्होंने कहा कि हिंदी में जिसे एक आत्मा कहते हैं, उर्दू में वही वहदतुलवजूद है। उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन सबमें एक ही ईश्वर का रूप होने की बात करता है। ‘आस्था का गायन : भारत में भक्ति साहित्य’ विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य अकादमी सबसे बड़ी साहित्यिक संस्था है तो यह कार्यक्रम तो बड़ा होगा ही। हजारों साल से भारत की जो पहचान है, वह ज्ञान-विज्ञान और प्रज्ञा की परंपरा है। पतन के काल में भारतीय एक-दूसरे से थोडे़ दूर हुए हैं। वह पतन का काल था।
ऐसे साहित्यिक संगम लोगों के अंदर चेतना पैदा करते हैं, जिससे ज्ञान की परंपरा को जिंदा किया जा सके। भारत की पहचान ही स्वतंत्र आत्मा है। यहां कभी बंदिशें स्वीकार नहीं हुईं। हमारे आदर्श तो ऋषि, मुनि हैं। यहां तो सेना के जनरल और राजा समाज के आदर्श नहीं रहे। समाज को दिशा किसने दी, लिखने वालों और सोचने वालों या आध्यात्मिक लोगों ने दी। अभिव्यक्ति पर बंदिशें कभी नहीं लग सकतीं। भारतीय मानस इसे स्वीकार नहीं कर सकता है। हमारे देश का 75 साल पहले विभाजन हुआ। उसके लिए फिर आंदोलन चला। उसके लिए नफरत की जो बोली बोली, उससे हमें सचेत होना चाहिए था। अब सबकी जिम्मेवारी है कि सफाई करें। बासवराज कालगुडी ने कर्नाटक में भक्ति साहित्य पर विचार रखे। वह वर्तमान समय की बात करेंगे।
धार्मिक उन्माद से निर्मित आतंकवाद मानवता का गला घोंट रहा: खान
मराठी के विद्वान मोहम्मद खान ने कहा कि भक्ति का साथी प्रेम है। देश का प्रेम, राष्ट्र प्रेम आदि ये भक्ति के रूप हैं। अध्यात्म मानवता के समक्ष उच्च आदर्श रखता है। उन्होंने नवधा भक्ति का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक उन्माद से निर्मित आतंकवाद मानवता का गला घोंट रहा है।