क्या बात! हिमाचल को मिलेगी नेशनल डिफेंस अकादमी की सौगात
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हिमाचल को नेशनल डिफेंस अकादमी मिल सकती है। राजभवन शिमला के प्रस्ताव पर सेना से इस संबंध में सकारात्मक संकेत मिले हैं। सेना की पश्चिमी कमान इस मसले को अपने सर्वोच्च अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय के समक्ष रखने की तैयारी में है। यह अकादमी हिमाचल के मंडी, बिलासपुर आदि जिलों में कहीं भी खोली जा सकती है, जहां से सभी जिलों की दूरी बराबर पड़े।
गौर हो कि देश का सबसे बड़ा एवं एकमात्र सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) पहले से ही शिमला में है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत से रविवार को राजभवन शिमला में सेना के पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने भेंट की।
लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह के समक्ष रखा प्रस्ताव
इस मुलाकात के बीच राज्यपाल देवव्रत आचार्य ने सेना की पश्चिमी कमान से प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह के समक्ष हिमाचल में भी एक अकादमी खोलने का प्रस्ताव रखा। इसे नेशनल डिफेंस अकादमी की तर्ज पर खोलने को कहा। राजभवन शिमला का तर्क है कि देश की सामरिक महत्व की प्रमुुख सीमाएं पहाड़ी क्षेत्रों से ही लगती हैं। ऐसे में सैन्य अधिकारियों और सैनिकों के प्रशिक्षण के लिए हिमाचल से उपयुक्त जगह कोई दूसरी हो ही नहीं सकती है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह मुझसे मिले थे। उनके समक्ष हिमाचल में अकादमी खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। मैं चाहता हूं कि ऐसी कोई भी रक्षा अकादमी प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों के ठीक बीच में खुले। इस पर लेफ्टिनेंट जनरल से सकारात्मक जवाब मिला है। हो सकता है कि यह प्रस्ताव सिरे चढ़े।’