बिजली बचत के लिए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने की अनूठी पहल
बिजली बचत के लिए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अनूठी पहल की है। राज्यपाल ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने जिलों के सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत कम करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करें। साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों का प्रयोग बढ़ाएं।
राज्यपाल ने यह आदेश राजभवन में ऊर्जा संरक्षण के सफल प्रयोग के बाद दिए हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पदभार संभालने के बाद राजभवन में ऊर्जा की खपत कम करने के प्रयास शुरू किए हैं। प्रयासों का नतीजा यह हुआ कि दो साल में राजभवन ने करीब बारह लाख की बिजली की बचत की है।
इसमें इस साल नवंबर महीने तक ही राजभवन ने करीब 8 लाख रुपये की बिजली बचाई। राजभवन में वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों का इस्तेमाल कर ऊर्जा बचत का प्रयोग सफल रहने के बाद राज्यपाल ने सभी डीसी को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने जिलों में सरकारी कार्यालयों की बिजली की खपत कम करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करें।
लोगों से अपील, ऊर्जा संरक्षण में हर व्यक्ति निभाए भूमिका
देवव्रत ने कहा कि बिजली की खपत कम करने के साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों पर काम किया जाए तो न सिर्फ बिजली की खपत कम होगी बल्कि प्रदेश का भी बिजली का खर्च कम होगा।
राज्यपाल ने कहा कि ज्यादातर सरकारी दफ्तरों में सेंट्रल हीटिंग का इस्तेमाल होता है। साथ ही जरूरत से ज्यादा लाइट का भी प्रयोग किया जाता है। सेंट्रल हीटिंग जहां शरीर के लिए नुकसान दायक है। वहीं ज्यादा लाइट का प्रयोग ऊर्जा की बर्बादी ही है। ऐसे में इस ओर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रदेश वासियों का आह्वान किया है कि वे ऊर्जा बचत की दिशा में एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। साथ ही कहा है कि जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग कर राष्ट्रीय संपत्ति की बचत करें।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत की दिशा में प्रदेश भर में एक अभियान चलाया जाएगा। कहा कि सरकारी कर्मचारी कार्यालय की बिजली की बचत उसी तरह करें जैसे वह अपने घर में बिजली की बचत करते हैं।