{"_id":"5a1aba274f1c1b97678bdeee","slug":"governor-acharya-dev-vrat-gave-51-thousand-rupees-to-wrestler-rani","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांस्य पदक विजेता पहलवान बेटी को राज्यपाल ने दिया 51 हजार का चेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांस्य पदक विजेता पहलवान बेटी को राज्यपाल ने दिया 51 हजार का चेक
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोलन में महिला पहलवान कुमारी रानी को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कुमारी रानी को भारतीय स्टेट बैंक की ओर से 51 हजार रुपये का चेक भेंट किया।
विज्ञापन
रानी ने हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 20वीं महिला सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करते हुए 76 किलो ग्राम भार वर्ग में पंजाब की पहलवान कुलविन्द्र कौर को हराकर कांस्य पदक जीता था। रानी वर्तमान में हिमाचल पुलिस में कार्यरत है।
विज्ञापन
राज्यपाल ने अन्य महिला पहलवानों कुमारी रुचिका, प्रिया, निधि, आरती, राधा, तनु और सोनी को भी सम्मानित किया। इन सभी महिला पहलवानों ने इंदौर में आयोजित 20वीं महिला सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया था।
विज्ञापन
इन सभी महिला पहलवानों को भारतीय स्टेट बैंक की ओर 2500-2500 रुपये के चेक भेंट किए गए। राज्यपाल ने हा कि उचित मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के साथ ये सभी महिला पहलवान प्रदेश तथा देश का नाम विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रोशन करेंगी।
राज्यपाल के सलाहकार डॉ. शशिकांत शर्मा, उपायुक्त सोलन राकेश कंवर, पुलिस अधीक्षक सोलन मोहित चावला, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विपन गुप्ता, मुख्य प्रबंधक बीएस जिंदल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन संदीप नेगी, उपमंडलाधिकारी एकता कापटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक और छात्र इस दौरान उपस्थित थे।
बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लें युवा
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने युवाओं का आह्वान किया कि वे बुजुर्गों के अनुभवों एवं ज्ञान से सीख लेकर समाज, देश और प्रदेश के भविष्य को सुदृढ़ बनाएं। राज्यपाल रविवार को सोलन के पुराने उपायुक्त कार्यालय में स्थापित पुस्तकालय और वरिष्ठ नागरिक केंद्र में छात्रों एवं वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश, प्रदेश और समाज को युवा शक्ति से अनेक आशाएं हैं। युवाओं की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सभी का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने वर्तमान को अनुशासन, परिश्रम तथा ज्ञान के माध्यम से आकार दें।
प्राचीन समय में मानव जीवन को ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास आश्रम में बांटने के ठोस कारण थे। ब्रह्मचर्य आश्रम में युवाओं को संयम तथा अनुशासन के साथ ज्ञान प्राप्त कर कुछ ऐसी विशेषज्ञता प्राप्त करनी होती थी जो उनके परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ समाज की भलाई के काम आए।
उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा की प्राचीन गुरुकुल पद्धति जहां युवाओं को पूर्ण रूप से सक्षम बनाती थी, वहीं उन्हें सभी के हित की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित भी करती थी। गुरुकुल शिक्षा युवाओं को वरिष्ठजनों से सीखने का भी बेहतर अवसर प्रदान करती थी। वर्तमान शिक्षा प्रणाली में इस भाव का समावेश आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि आज के भौतिकतावादी युग में भी यह आवश्यक है कि युवा पीढ़ी बुजुर्गों एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों से सीख लें। आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश के अन्य उपायुक्तों को भी एक ही स्थान पर इस प्रकार के पुस्तकालय, वाचनालय एवं वरिष्ठ नागरिक केन्द्र खोलने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए जाएंगे।
उन्होंने पुस्तकालय में पुस्तकों की खरीद के लिए एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा उन्हें पुस्तकालय एवं अन्य केन्द्रों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस दौरान व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, एसपी सोलन मोहित चावला, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विपन गुप्ता, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन संदीप नेगी, उपमंडलाधिकारी एकता कापटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक, छात्र तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।