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शिवा प्रोजेक्ट से बंजर खेतों से उगने लगा ‘सोना’

Sun, 27 Mar 2022 10:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 10:54 PM IST
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'Gold' started growing from barren fields due to Shiva Project
मंडी। जिला मंडी में शिवा प्रोजेक्ट ने किसानों की तकदीर फिर से लिखना शुरू की है। बंजर खेतों से ‘सोना’ उगलवाया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत मंडी जिला की 10 हजार हेक्टेयर जमीन में फलदार पौधे लगाए जाएंगे। करीब ढाई साल पहले शुरू हुआ प्रोजेक्ट छह-सात साल और चलेगा।
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इस पर 1688 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोगों की जमीन में अमरूद, संतरा, लीची, अनार और मौसमी के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनकी देखरेख भी मनरेगा के तहत की जा रही है। लावारिस पशुओं और जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों की बाड़बंदी भी की जा रही है।
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जिले के आठ विकास खंडों सदर मंडी, सुंदरनगर, द्रंग, गोहर, गोपालपुर, चौंतड़ा, बल्ह और धर्मपुर में किसानों-बागबानों के सहयोग से कुल 176 हेक्टेयर भूमि पर उच्च गुणवत्ता के फलदार पौधे (अमरूद, संतरा, लीची, मौसमी और अनार) लगाए गए हैं। 99 क्लस्टर बनाए गए हैं।
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सफलता की कहानी
धर्मपुर की ग्राम पंचायत बिंगा के गांव दबरोट के किसान इंद्र सिंह ने कहा, एक समय था जब धर्मपुर में बस बेर और खैर लग सकते थे। अब शिवा परियोजना के तहत अमरूद, संतरे और मौसमी जैसे फलों के बगीचे लहलहा रहे हैं। व्यापारी खेतों से ही फसल ले जा रहे हैं। लोगों को फसल के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं। उद्यान विभाग ने लगभग 1 हेक्टेयर भूमि का चयन कर वर्ष 2019 में अमरूद की उच्च गुणवत्ता के पौधे लगाए, जिनका प्रबंधन नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक के साथ किया गया। इन पौधों ने मात्र ढाई साल में फल देना शुरू कर दिया है। फलों का अच्छा दाम मिल रहा है।
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सफलता की कहानी
ग्राम पंचायत बिंगा के एक और लाथार्भी किसान मितेश ठाकुर ने बताया, वह अपनी जमीन पर गेहूं और खरीफ की फसल उगाते थे। यह नाममात्र होती थी क्योंकि फसल बारिश पर ही निर्भर है। गेहूं और खरीफ फसल से केवल 2000 से 2500 रुपये की कमाई बड़ी मुश्किल से होती थी। अब खेतों में फलदार पौधों की फसल लहराती है। फलों के दाम भी अच्छे मिलते हैं। एक ही सीजन में 25000 से 30000 रुपये का मुनाफा हो रहा है।
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आर्थिकी में व्यापक बदलाव लाने में सहायक : अरिंदम
उपायुक्त अरिंदम चौधरी का कहना है कि एचपी शिवा परियोजना किसानों की आर्थिकी में व्यापक बदलाव लाने के साथ-साथ बेरोजगार नौजवानों के लिए स्वरोजगार का एक अहम माध्यम साबित हो रही है। बीज से लेकर बाजार तक की अवधारणा के आधार पर बागवानी का विकास से अच्छी आमदनी हो रही है।
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नौकरी देने वाले बने : महेंद्र सिंह
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि शिवा प्रोजेक्ट से आर्थिकी सुदृढ़ होगी। इसमें युवा नौकरी देने वाले बनेंगे, मांगने वाले नहीं। शिवा परियोजना में अपना रोजगार लगा कर आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर है। इसमें बाड़बंदी से जुड़े कार्यों से लेकर पौधे तक मुफ्त दिए जा रहे हैं। जिस तरह शिमला को सेब के लिए जाना जाता है, आने वाले समय में हिमाचल के मध्यम और निचले क्षेत्र अमरूद, अनार, संतरा और मौसमी जैसे फलों की देशव्यापी सप्लाई के लिए जाने जाएंगे।

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तेजी से विकसित हो रही बागबानी: डॉ. संजय गुप्ता
बागवानी विभाग मंडी के उपनिदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि जिले में फलों के बगीचे लहलहा रहे है। बागवानी का तेजी से विकास हो रहा है। अभी आठ विकास खंडों में योजना चलाई है। परियोजना में उद्यान विभाग ने किसानों के सहयोग से 99 क्लस्टर बनाए हैं। इनमें कुल 176 हेक्टेयर भूमि पर उच्च गुणवत्ता के अमरूद, संतरा, लीची, मौसमी और अनार जैसे फलदार पौधे लगाए गए हैं।
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