Shimla News: मलबे में दबकर युवती की मौत, कार पर गिरीं चट्टानें, तीन घायल, खड़ाहन पंचायत में मकान ढहा
शिमला जिले में पुलिस थाना चिड़गांव के तहत ग्राम पंचायत खशधार के तेलगा में गुरुवार सुबह मकान के ऊपर भूस्खलन होने से एक युवती की मौत हो गई है। मलबे से शव को तलाश कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में पुलिस थाना चिड़गांव के तहत ग्राम पंचायत खशधार के तेलगा में गुरुवार सुबह मकान के ऊपर भूस्खलन होने से एक युवती की मौत हो गई है। मलबे से शव को तलाश कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह पुलिस चिड़गांव में हेमराज ने सूचना दी कि उनके बगीचे मे नेपाली चौकीदार रहते हैं। गुरुवार सुबह भारी बारिश होने के कारण बगीचे में नेपाली चौकीदारों के मकान के पास भूस्खलन हो गया है। इसमें नेपाली मूल की युवती मलबे में दब गई है। सूचना पर पुलिस थाना चिड़गांव से पुलिस टीम ने मौके पर पहुंची औ शव को मलबे से निकाला। वहीं, जुब्बल में सुबह करीब 8:30 बजे कुड्डू और सनैल के बीच ढांगु ढांक में भूस्खलन होने के कारण कार दब गई है। कार में कुलदीप, यशवंत और महेंद्र सिंह सवार थे। गनीमत रही कि हादसे का आभार होने से सभी कार से बाहर निकल गए। इस हादसे में तीनों को चोटें आई हैं। कार पत्थरों में दब कर पूरी क्षतिग्रस्त हो गई।
खड़ाहन पंचायत में मकान ढहा, कई घरों को खतरा
उधर, ननखड़ी तहसील में बरसात का कहर बढ़ता ही जा रहा है। बीती रात को क्षेत्र में हुई भारी बारिश से खड़ाहन पंचायत में खतरे की जद में आया मकान ढह गया। इससे खड़ाहन मार्ग पर यातायात ठप हो गया है। वहीं तीन अन्य मकान भी खतरे की जद में आए हैं। इससे यहां से नीचे बने करीब छह मकानों को खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बने भवनों को गिराने की मांग की है। गौर हो कि बीते कई दिनों से जारी भारी बारिश के कारण बुधवार को खड़ाहन पंचायत के चार मकानों को खतरा पैदा हो गया था। भूमि धंसने के कारण दो मंजिला चार मकान खतरे की जद में आ गए थे। इसमें संजीव कुमार का मकान वीरवार को भूस्खलन की चपेट में आ गया और देखते ही देखते यह मलबे में तबदील हो गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक मकान का धंसना शुरू हो गया। वहीं भवन ध्वस्त होने के कारण उसका मलबा खड़ाहन सड़क पर भर गया है।
इसके चलते यातायात भी ठप हो गया है। इन तीन मकानों के सामने बने करीब छह मकानों को खतरा पैदा हो गया है। इसमें हीरासिंह, पलस राम चौहान, जीत सिंह, निहाल सिंह, सतेंद्र चौहान और वीर सिंह का घर शामिल है। ये लोग प्रदेश सरकार और प्रशासन से असुरक्षित घोषित किए गए तीनों मकानों को गिराने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को मौके पर पहुंची राजस्व और लोनिवि की संयुक्त टीम ने मौके का जायजा लिया और रिपोर्ट तैयार की। मौके पर खतरा बने हुए घरों के मकान मालिक न होने के चलते इन भवनों को गिराने पर सहमति नहीं बन पाई। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि खड़ाहन में भूमि धंसाव से एक मकान ध्वस्त हो गया है, जबकि तीन अन्य मकानों को खतरा बना हुआ है। कमेटी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया है। भवन मालिकों की सहमति के बगैर खतरे की जद में आए घरों को तोड़ा नहीं जा सकता। अगर संबंधित भवन मालिक लिखित तौर पर स्वीकार करे तो ये भवन डिस्मेंटल किए जा सकते हैं। उन्होंने बरसात के कारण हो रहे नुकसान से बचने के लिए एहतियात बरतने और सचेत रहने का आह्वान किया है।