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Himachal Pradesh: शिक्षक नहीं बन सकीं गीता तो बन गईं बस कंडक्टर, टेट व सीटेट कर चुकीं क्वालीफाई
Sun, 17 Mar 2024 05:14 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 17 Mar 2024 05:14 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर की रहने वाली गीता देवी ने कंडक्टर भर्ती परीक्षा पास की है। अब वह एचआरटीसी में अपनी सेवाएं देंगी। गीता देवी का कहना है कि वह शिक्षक बनना चाहती थी, लेकिन किस्मत को कुछ और भी मंजूर था।
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गीता देवी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर की रहने वाली गीता देवी एक शिक्षक बनना चाहती थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वह शिक्षक तो नहीं बन सकीं, लेकिन अब एक परिचालक (कंडक्टर) के रूप में वह एचआरटीसी में अपनी सेवाएं देंगी। जी हां गीता देवी ने कंडक्टर भर्ती परीक्षा पास की है। वह बीएससी और बीएड कर चुकी हैं। साथ ही टेट व सीटेट क्वालीफाई हैं।
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गीता देवी सुंदरनगर की मलोह पंचायत के भदरोलू गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता हिम्मत सिंह किसान और माता मीना देवी गृहणी हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटा भाई पढ़ रहा है। उन्होंने 12वीं के बाद बीएससी और बीएड के साथ ही टेट और सीटेट भी पास किया है। इस होनहार ने जब शिक्षक बनने में अधिक अड़चने देखीं तो उसने कंडक्टर भर्ती की परीक्षा दी और उसमें भी अव्वल रही।
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बचपन से ही काफी होशियार रही इस साहसी छात्रा ने 12वीं में 85 प्रतिशत अंक लाकर अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया था। अब वह एचआरटीसी में अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। मीना ने कहा कि वह अध्यापिका बनना चाहती थी पर किस्मत कहीं और ही ले आई है। उसने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने परिजनों को दिया है।
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