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Shimla News: गौरव, विवेक स्टेम हैकाथॉन की राष्ट्रीय स्पर्धा में दिखाएंगे प्रतिभा
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पोर्टमोर स्कूल में हुई राज्य स्पर्धा में किए उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ चयन, पहला स्थान पर रही रिकांगपिओ स्कूल की टीम
दूसरे स्थान पर रही लालपानी स्कूल शिमला की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लालपानी शिमला के छात्र गौरव बंता और विवेक कुमार का चयन बंगलुरू में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के स्टेम हैकाथॉन के लिए हुआ है। दोनों विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी तकनीकी और नवाचारी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में पहला स्थान किन्नौर के रिकांगपिओ स्कूल को, दूसरा स्थान लालपानी शिमला और तीसरा स्थान मंडी की टीम को मिला। अन्य विजेताओं में कांगड़ा और सरकाघाट की टीमें शामिल रहीं जो बंगलूरू में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगी। समग्र शिक्षा के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में आयोजित राज्य स्तरीय स्टेम हैकाथॉन-2026 में प्रदेश के सभी 12 जिलों से 36 टीमों के 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और रोबोटिक्स के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला मुख्य अतिथि और समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली भी इस अवसर पर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट व्यावहारिक और भविष्य के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं राजेश शर्मा ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना समय की जरूरत है और स्टेम कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
700 स्कूलों में चल रहे स्टेम प्रोजेक्ट
समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश में स्टेम प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर लागू किया गया है, जिसके तहत लगभग 700 विद्यालयों में विद्यार्थियों की विज्ञान और गणित दक्षता का आकलन किया जाता है। चयनित छात्रों को वर्चुअल लैब, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यस्तरीय मंच दिया गया जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
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छात्रों के मॉडल में दिखे भविष्य के समाधान
प्रतियोगिता में प्रस्तुत मॉडल में आपदा प्रबंधन, स्मार्ट सिटी, ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक समाधान देखने को मिले। क्लाउड बर्स्ट प्रिडिक्शन, लैंड स्लाइड डिटेक्शन, स्मार्ट डैम सेफ्टी, ऊर्जा दक्ष ढांचे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स ने विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक साइकिल, एंटी-स्लिप कंट्रोलर, स्मार्ट टॉयलेट, ऑटोमेटिक ग्रास कटर और मल्टी-फंक्शन स्प्रे सिस्टम जैसे नवाचार भी सामने आए।
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दूसरे स्थान पर रही लालपानी स्कूल शिमला की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लालपानी शिमला के छात्र गौरव बंता और विवेक कुमार का चयन बंगलुरू में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के स्टेम हैकाथॉन के लिए हुआ है। दोनों विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी तकनीकी और नवाचारी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में पहला स्थान किन्नौर के रिकांगपिओ स्कूल को, दूसरा स्थान लालपानी शिमला और तीसरा स्थान मंडी की टीम को मिला। अन्य विजेताओं में कांगड़ा और सरकाघाट की टीमें शामिल रहीं जो बंगलूरू में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगी। समग्र शिक्षा के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में आयोजित राज्य स्तरीय स्टेम हैकाथॉन-2026 में प्रदेश के सभी 12 जिलों से 36 टीमों के 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और रोबोटिक्स के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला मुख्य अतिथि और समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली भी इस अवसर पर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट व्यावहारिक और भविष्य के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं राजेश शर्मा ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना समय की जरूरत है और स्टेम कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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700 स्कूलों में चल रहे स्टेम प्रोजेक्ट
समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश में स्टेम प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर लागू किया गया है, जिसके तहत लगभग 700 विद्यालयों में विद्यार्थियों की विज्ञान और गणित दक्षता का आकलन किया जाता है। चयनित छात्रों को वर्चुअल लैब, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यस्तरीय मंच दिया गया जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
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छात्रों के मॉडल में दिखे भविष्य के समाधान
प्रतियोगिता में प्रस्तुत मॉडल में आपदा प्रबंधन, स्मार्ट सिटी, ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक समाधान देखने को मिले। क्लाउड बर्स्ट प्रिडिक्शन, लैंड स्लाइड डिटेक्शन, स्मार्ट डैम सेफ्टी, ऊर्जा दक्ष ढांचे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स ने विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक साइकिल, एंटी-स्लिप कंट्रोलर, स्मार्ट टॉयलेट, ऑटोमेटिक ग्रास कटर और मल्टी-फंक्शन स्प्रे सिस्टम जैसे नवाचार भी सामने आए।