स्कूली छात्रों को अगले हफ्ते मिलेगी मुफ्त वर्दी, नहीं मिलेगा सिलाई का पैसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जमा एक और जमा दो कक्षा के 1.78 लाख बच्चों को मुफ्त वर्दी का आवंटन अगले सप्ताह से शुरू होगा। बिलासपुर और मंडी जिले से मुख्यमंत्री वर्दी योजना का शुभारंभ किया जाएगा।
महाराष्ट्र की कंपनी ने 45 हजार सेट की पहली खेप हिमाचल भेज दी है। लड़कों को पैंट-कमीज और लड़कियों को सलवार-कमीज का कपड़ा दिया जाएगा। वर्दी की सिलाई का पैसा सरकार नहीं देगी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बजट भाषण में जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी देने के लिए मुख्यमंत्री वर्दी योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में जुलाई महीने में खाद्य आपूर्ति निगम ने वर्दी की खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित किए।
मुंबई की सुनील इंडस्ट्री को वर्दी मुहैया करवाने का टेंडर दिया गया है। कंपनी ने वर्दी की पहली खेप हिमाचल भेज दी है।
91 हजार लड़कों, 87 हजार लड़कियों को मिलेगी वर्दी
मुख्यमंत्री वर्दी योजना के तहत जिला बिलासपुर में 10176 बच्चों, चंबा में 14188, हमीरपुर में 12303, कांगड़ा में 40851, किन्नौर में 1436, कुल्लू में 11600, लाहौल और स्पीति में 525, मंडी में 28673, शिमला में 20139, सिरमौर में 12604, सोलन में 12538 और ऊना जिला में 13700 बच्चों को वर्दी दी जाएगी। कुल 1.78 लाख बच्चों में 91050 लड़के और 87709 लड़कियां हैं।
दसवीं तक अधिकांश बच्चों को बंट गई वर्दी
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से दसवीं कक्षा के सात लाख बच्चों को मुफ्त वर्दी देने की प्रक्रिया कई जिलों में पूरी हो गई है। अधिकांश बच्चों को वर्दी का आवंटन कर दिया गया है। स्कूली बच्चों को एक साथ वर्दी के दो-दो सेट दिए गए हैं।
लड़कियों को सलवार-कमीज का कपड़ा और लड़कों का पैंट-कमीज का कपड़ा दिया गया है। वर्दी की सिलाई के लिए अलग से प्रति बच्चे को 200 रुपये दिए जा रहे हैं। गुजरात की कंपनी को वर्दी मुहैया करवाने का काम सौंपा गया है।