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घर में घुसे तेंदुए की मौत की जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:27 PM IST
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तेंदुए की मौत को लेकर ऊना डीएफओ कार्यालय पहुंची विभागीय टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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ऊना जिले के अंब के सूरी गांव में तबाही मचाने के बाद पकड़े गए तेंदुए की वन विभाग की कैद में मौत पर विभागीय जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को चीफ कंजरवेटर फॉरेस्ट (वाइल्ड लाइफ) धर्मशाला ने ऊना में कैंप किया। इस दौरान उन्होंने डीएफओ ऊना व पोस्टमार्टम करने वाले वेटरनरी डॉक्टर के बयान लिए। इस बीच विभाग ने तेंदुए के शव को अंतिम संस्कार कर दिया।
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दो दिन पहले सूरी गांव में तेंदुआ घुस आया था। कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने उस पर काबू पाया और पिंजरे में बंद कर दिया। पकड़े जाने के समय अधिकारियों का दावा था कि वह एकदम स्वस्थ है लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। तेंदुए की वन अधिकारियों की कस्टडी में हुई मौत के बाद अधिकारियों की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। आला अधिकारियों ने तेंदुए की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने की आशंका जताई थी।
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उनका मानना था कि या तो किसी ने खाने में कुछ जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया या तेंदुए को बेहोश करने के लिए जो डार्ट लगाया गया उसमें दवा की मात्रा ज्यादा थी। साथ ही सोशल मीडिया पर तेंदुए को पकड़ने के बाद हुई बर्बता और मिस हैंडलिंग की फोटो सामने आई थी। इसी के चलते अधिकारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए।
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उधर, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एसएस नेगी ने मामले की विभागीय जांच शुरू के आदेश दे दिए। जिसके बाद धर्मशाला स्थित चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट एसडी शर्मा ने मंगलवार को ऊना पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई और इससे संबंधित अधिकारियों व अन्य लोगों के बयान कलमबंद किए।
इसके अलावा उन्होंने वेटरनरी कॉलेज पालमपुर के पैथोलॉजी विभाग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया। सीसीएफ इस मामले की जांच के लिए अभी दो दिन तक ऊना में रुकेंगे। उसके बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट पीसीसीएफ शिमला को भेजेंगे।
आज सौंपी जाएगी रिपोर्ट- सीसीएफ एसडी शर्मा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया तेंदुए में जहर के लक्षण की बात सामने नहीं आ रही है। पोस्टर्माटम रिपोर्ट कहती है कि तेंदुए की मौत छाती में संक्रमण और न्यूमोनिया से हुई। वहीं, इस मामले की अधिक जानकारी के लिए उन्होंने जांच आगे बढ़ा दी है। इसमें और लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
संवेदनशीलता को देखते पालमपुर में कराया पोस्टमार्टम- डीएफओ आरके डोगरा का कहना है कि उन्होंने विभागीय जांच अधिकारी के समक्ष पक्ष रखा है। जिसमें उन्हें मामले की पूरी वांछित जानकारी उपलब्ध करवाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ही तेंदुए की अचानक मौत होने के बाद उसका पोस्टर्माटम पालमपुर स्थित वेटरनरी कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में करवाने का निर्णय लिया। इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उसी दिन आ गई थी।
सैंपल की करेंगे जांच- डॉ. अमित शर्मा का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने से लेकर पिंजरे में कैद करने तक तय मानकों के अनुसार ही उसे डार्ट इंजेक्शन दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तेंदुए की मौत न्यूमोनिया और आंत में ब्लॉकेज के चलते हुई। इस मामले की जानकारी वन विभाग को सौंप दी गई है।