मोबाइल, व्हाट्सएप हैक करने की जांच नहीं करती फोरेंसिक लैब
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फोरेंसिक लैब जुन्गा मोबाइल फोन और व्हाट्सएप करने की जानकारी नहीं रखती है। फोरेंसिक लैब जुन्गा के एक अधिकारी ने आरटीआई में सूचना देकर चौंका दिया है। यह मामला राज्य सूचना आयोग के पास पहुंचा है। साइबर क्राइम सेल और फोरेंसिक लैब ने इस बारे में विरोधाभासी जानकारी दी तो इस बारे में आयोग के समक्ष शिकायत की गई कि वह इस बारे में पूरी जानकारी दिलाए, और विरोधाभासी जानकारी देने के मामले में कार्रवाई करे।
हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग में एक शिकायत सरकाघाट के निवासी सुरेश कुमार राठौर की ओर से की गई है। इसकी सुनवाई की गई तो इसके प्रतिवादी सीआईडी के डीएसपी एससीआरबी और फोरेंसिक साइंस लैब जुन्गा के सहायक निदेशक बनाए गए। प्रतिवादियों ने फोन पर संपर्क किया। इस बारे में शिकायत की गई कि दोनों ही महकमों ने विरोधाभासी जानकारी दी है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि फोरेंसिक साइंस लैब के जनसूचना अधिकारी की ओर से उन्हें भ्रामक और गलत सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक लैब मोबाइल फोन और व्हाट्सएप हैक करने से संबंधित जांच से जुड़ा काम नहीं करती है तो ऐसी स्थिति में पुलिस थानों की ओर से पीड़ितों, गवाहों और आरोपियों के मोबाइल फोन क्यों फोरेंसिक जांच के लिए लैब को भेजे जाते हैं।
शिकायतकर्ता ने लिखित में यह प्रार्थना की कि आयोग इस बारे में विरोधाभासी जानकारी के बारे में संज्ञान लिया जाए। डीएसपी साइबर क्राइम ने सूचना दी कि इलेक्ट्रानिक गैजेट से हैकिंग और डाटा रिट्रीवल के बारे में जानकारी दी। हालांकि आयोग ने कहा विरोधाभासी सूचना को स्वीकार नहीं किया।