{"_id":"66cc8fa8c3a34e209c09130b","slug":"for-the-first-time-rooms-will-be-available-in-hostels-under-sukhashraya-yojana-shimla-news-c-19-sml1001-399908-2024-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: सुखाश्रय योजना में पहली\nबार हॉस्टल में मिलेंगे कमरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: सुखाश्रय योजना में पहली बार हॉस्टल में मिलेंगे कमरे
विज्ञापन
एचपीयू के पास आए आवेदनों की छंटनी शुरू
मेरिट आधार पर आवंटित किए जाएंगे छात्रावास में कमरे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से शुरू की सुखाश्रय योजना के तहत पहली बार विवि में छात्रावासों में सीटें आरक्षित की हैं।
योजना के तहत छात्रावास में कमरे पाने के लिए 26 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। इस योजना के तहत आठ सीटें रखी हैं। अब चीफ वार्डन कार्यालय विभागों के माध्यम से मेरिट तैयार कर कमरे (सीटें) आवंटित होंगी। सरकार की इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले विद्यार्थियों की छात्रावास की फीस का खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। इससे इन छात्रों को निशुल्क छात्रावास सुविधा मिलेगी। आरक्षित आठ सीटों के लिए आए 26 आवेदनों से कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी। आरक्षित सीटों में एमए कोर्स की तीन लड़कियों, तीन लड़कों के लिए जबकि एक-एक सीट पीएचडी में महिला और पुरुष शोधार्थी के लिए सीट आवंटित की जाएगी।
विवि के डीएसडब्लू प्रो. ममता मोक्टा की अध्यक्षता में बनाई कमेटी द्वारा इन सीटों को आवंटित करने के लिए बनाए नियमों और शर्तों को ध्यान में रखकर ही चीफ वार्डन कार्यालय मेरिट तैयार कर सीटें आवंटित करेगा। अभी विवि के तीन से चार विभागों के कोर्स बीएड, एमपीएड आदि में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस प्रवेश के पूरा होने के बाद विवि चीफ वार्डन कार्यालय इस श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों को भी छात्रावास आवंटन का मौका देगा। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने माना कि आठ सीटों के लिए 26 आवेदन आ चुके हैं, कुछ कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया अभी पूरी होनी है, इससे आवेदकों की संख्या बढ़ सकती है। मेरिट आधार पर इन सीटों पर प्रवेश मिलेगा, छात्र को सरकारी विभाग की ओर से सुखाश्रय योजना के तहत आने के जारी प्रमाण पत्र को देखने के बाद ही सीटें आवंटित की जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरिट आधार पर आवंटित किए जाएंगे छात्रावास में कमरे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से शुरू की सुखाश्रय योजना के तहत पहली बार विवि में छात्रावासों में सीटें आरक्षित की हैं।
योजना के तहत छात्रावास में कमरे पाने के लिए 26 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। इस योजना के तहत आठ सीटें रखी हैं। अब चीफ वार्डन कार्यालय विभागों के माध्यम से मेरिट तैयार कर कमरे (सीटें) आवंटित होंगी। सरकार की इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले विद्यार्थियों की छात्रावास की फीस का खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। इससे इन छात्रों को निशुल्क छात्रावास सुविधा मिलेगी। आरक्षित आठ सीटों के लिए आए 26 आवेदनों से कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी। आरक्षित सीटों में एमए कोर्स की तीन लड़कियों, तीन लड़कों के लिए जबकि एक-एक सीट पीएचडी में महिला और पुरुष शोधार्थी के लिए सीट आवंटित की जाएगी।
विज्ञापन
विवि के डीएसडब्लू प्रो. ममता मोक्टा की अध्यक्षता में बनाई कमेटी द्वारा इन सीटों को आवंटित करने के लिए बनाए नियमों और शर्तों को ध्यान में रखकर ही चीफ वार्डन कार्यालय मेरिट तैयार कर सीटें आवंटित करेगा। अभी विवि के तीन से चार विभागों के कोर्स बीएड, एमपीएड आदि में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस प्रवेश के पूरा होने के बाद विवि चीफ वार्डन कार्यालय इस श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों को भी छात्रावास आवंटन का मौका देगा। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने माना कि आठ सीटों के लिए 26 आवेदन आ चुके हैं, कुछ कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया अभी पूरी होनी है, इससे आवेदकों की संख्या बढ़ सकती है। मेरिट आधार पर इन सीटों पर प्रवेश मिलेगा, छात्र को सरकारी विभाग की ओर से सुखाश्रय योजना के तहत आने के जारी प्रमाण पत्र को देखने के बाद ही सीटें आवंटित की जाएंगी।
विज्ञापन