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Shimla News: मनरेगा में डंगा लगाने के लिए 1 लाख नहीं 50 हजार मिलेंगे
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जिले के पंचायत अधिकारी को दिशा-निर्देश जारी
आपदा में डंगा लगाने के लिए दिए जा रहे थे एक लाख रुपेय
मनरेगा के लिए पंचायत के माध्यम से कर सकते है आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी।
शिमला। मनरेगा के तहत डंगा लगाने की लिमिट को 1 लाख से घटाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। यह पैसा इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। ग्रामीण एवं पंचायतीराज विभाग ने इस लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया है कि मनरेगा स्कीम के तहत सिर्फ आपदा में डंगे के निर्माण कार्य के लिए 1 लाख रुपये की स्वीकृति दी जा रही थी, लेकिन अब हालत सामान्य होने के बाद इस योजना को पहले की तरह लागू किया जाए। इसमें 50 हजार रुपये में डंगे का कार्य निर्धारित किया है। इस बाबत प्रदेश के सभी जिले के पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में आपदा के दौरान 2023 में मनरेगा के तहत पंचायतों में डंगा के निर्माण के लिए 1 लाख रुपये दिए जा रहे थे। इस वर्ष इसे लेकर पंचायत जनप्रतिनिधियों में भी असमंजस की स्थिति बनी थी। लेकिन अब पंचायतीराज विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है कि मनरेगा स्कीम के तहत पहले की तरह डंगे के निर्माण कार्य के लिए 50,000 रुपये मिलेंगे। ऐसे में अब लोग डंगा लगाने के लिए के लिए पंचायतों में आवेदन कर सकते है। इसके लिए लोगों को ग्राम सभा में शेल्फ के प्रस्ताव को पारित करना होगा। पंचायतों में डंगे का निर्माण 60:40 अनुपात में ही करना होगा। 60 प्रतिशत लेबर तथा 40 फीसदी निर्माण सामग्री पर रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा डंगा के निर्माण पर इससे अधिक लागत को लाभार्थी जिला प्रशासन की स्वीकृति से आपदा फंड के तहत भी वहन करे सकते हैं। एडीसी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मनरेगा के तहत डंगा निर्माण कार्य के लिए 50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
मनरेगा के लिए ऐसे करें आवेदन
मनरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना ग्रामीण इलाकों में रोजगार मुहैया कराने के लिए शुरू की थी। यह एक रोजगार गारंटी योजना है। इसमें लोगों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया करवाया जाता है। हिमाचल में रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दी है। मनरेगा योजना में काम पाने के लिए अभ्यर्थी पंचायत के माध्यम से संबंधित ब्लॉक में आवेदन कर सकते हैं। मनरेगा में आवेदन के लिए आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण देना होता है। पंचायत सचिव या रोजगार सहायक की मदद से रजिस्ट्रेशन किया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदक को जाॅब कार्ड मिलेगा। योजना के तहत मजदूरी का भुगतान बैंक, डाकघर के बचत खातों के माध्यम से किया जाता है।
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आपदा में डंगा लगाने के लिए दिए जा रहे थे एक लाख रुपेय
मनरेगा के लिए पंचायत के माध्यम से कर सकते है आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी।
शिमला। मनरेगा के तहत डंगा लगाने की लिमिट को 1 लाख से घटाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। यह पैसा इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। ग्रामीण एवं पंचायतीराज विभाग ने इस लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया है कि मनरेगा स्कीम के तहत सिर्फ आपदा में डंगे के निर्माण कार्य के लिए 1 लाख रुपये की स्वीकृति दी जा रही थी, लेकिन अब हालत सामान्य होने के बाद इस योजना को पहले की तरह लागू किया जाए। इसमें 50 हजार रुपये में डंगे का कार्य निर्धारित किया है। इस बाबत प्रदेश के सभी जिले के पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में आपदा के दौरान 2023 में मनरेगा के तहत पंचायतों में डंगा के निर्माण के लिए 1 लाख रुपये दिए जा रहे थे। इस वर्ष इसे लेकर पंचायत जनप्रतिनिधियों में भी असमंजस की स्थिति बनी थी। लेकिन अब पंचायतीराज विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है कि मनरेगा स्कीम के तहत पहले की तरह डंगे के निर्माण कार्य के लिए 50,000 रुपये मिलेंगे। ऐसे में अब लोग डंगा लगाने के लिए के लिए पंचायतों में आवेदन कर सकते है। इसके लिए लोगों को ग्राम सभा में शेल्फ के प्रस्ताव को पारित करना होगा। पंचायतों में डंगे का निर्माण 60:40 अनुपात में ही करना होगा। 60 प्रतिशत लेबर तथा 40 फीसदी निर्माण सामग्री पर रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा डंगा के निर्माण पर इससे अधिक लागत को लाभार्थी जिला प्रशासन की स्वीकृति से आपदा फंड के तहत भी वहन करे सकते हैं। एडीसी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मनरेगा के तहत डंगा निर्माण कार्य के लिए 50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
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मनरेगा के लिए ऐसे करें आवेदन
मनरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना ग्रामीण इलाकों में रोजगार मुहैया कराने के लिए शुरू की थी। यह एक रोजगार गारंटी योजना है। इसमें लोगों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया करवाया जाता है। हिमाचल में रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दी है। मनरेगा योजना में काम पाने के लिए अभ्यर्थी पंचायत के माध्यम से संबंधित ब्लॉक में आवेदन कर सकते हैं। मनरेगा में आवेदन के लिए आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण देना होता है। पंचायत सचिव या रोजगार सहायक की मदद से रजिस्ट्रेशन किया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदक को जाॅब कार्ड मिलेगा। योजना के तहत मजदूरी का भुगतान बैंक, डाकघर के बचत खातों के माध्यम से किया जाता है।
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