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रिपन अस्पताल में सोमवार से बंद हो जाएगा निशुल्क लंगर

Sat, 21 Sep 2019 10:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2019 10:48 PM IST
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शिमला। रिपन अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को सोमवार से निशुल्क लंगर की सुविधा नहीं मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन ने संस्था के अस्पताल में लंगर लगाने पर रोक लगा दी है। शहर की पूर्व मेयर मधु सूद ने 16 सितंबर से अस्पताल परिसर में मुफ्त लंगर सेवा शुरू की थी। सेवा सप्ताह के तहत अगले ही दिन 17 सितंबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अस्पताल पहुंच कर मुफ्त लंगर सेवा की सराहना की। अस्पताल में रोजाना 12:30 से 2:30 बजे तक लंगर परोसा जा रहा था। रोजाना करीब 300 से 400 लोग लंगर में मुफ्त में खाना खा रहे थे।
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मधु सूद ने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए उन्होंने अस्पताल में यह सेवा शुरू की थी लेकिन अब अस्पताल प्रशासन कह रहा है कि इसके लिए कानूनी औपचारिकताएं पूरी करो। लंगर वितरित करना है तो उसे अस्पताल में ही बनवाओ। हम इसके लिए भी तैयार हैं लेकिन हमें अस्पताल में जगह भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। इस सेवा को निरंतर चलाना चाहते हैं क्योंकि शहर के बहुत से लोग इस सेवा के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं। दबाव बनाया जा रहा है कि नगर निगम को साथ लेकर यह सेवा चलाई जाए। कहा कि वह शिमला के लोगों द्वारा शिमला के लोगों के लिए यह सेवा चलाना चाहते थे लेकिन राजनीति के चलते इसे सोमवार से बंद करना पड़ रहा है। नगर निगम की मौजूदा मेयर कुसुम सदरेट ने अपने बजट भाषण में शहर के अस्पतालों में मुफ्त भोजन की सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी, ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद नगर निगम अब तक यह सेवा शुरू नहीं करवा पाया है। हालांकि 18 सितंबर को मेयर और पार्षद मुफ्त लंगर सेवा में पहुंचे, यहां पहले लंगर परोसा और बाद में खुद भी खाया।
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सरकार अनुमति दे तो आपत्ति नहीं : डॉ. लोकेंद्र
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने कहा कि बिना अनुमति अस्पताल परिसर में मुफ्त लंगर सेवा चलाई जा रही थी। लंगर में फूड प्वायजनिंग का भी खतरा रहता है, ऐसी कोई घटना हो जाए तो अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठते हैं। संस्था अगर अनुमति मांगती है तो इसे सरकार को भेजा जाएगा। सरकार अनुमति देती है तो अस्पताल प्रशासन को सेवा के इस कार्य में कोई आपत्ति नहीं है।
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