राशनकार्ड धारकों को एक और झटका, पढ़ें
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हिमाचल प्रदेश के सस्ते राशन के डिपुओं से आटा खत्म करने की तैयारी है। अंत्योदय और बीपीएल को पहले से ही गेहूं दी जा रही है, अब प्रदेश के साढ़े 12 लाख एपीएल उपभोक्ताओं को भी आटे की जगह गेहूं दिया जा सकता है। उपभोक्ताओं को गेहूं मार्केट से बहुत ही कम दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने इसकी तैयारी कर ली है। वीरवार को खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
गेहूं देने के पीछे सरकार का तर्क है कि मिल मालिक पिसाई का रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार अभी ऐसा करने के पक्ष में नहीं है। केंद्र सरकार हिमाचल को गेहूं उपलब्ध कराती है, लेकिन एपीएल परिवारों को गेहूं पिसाकर आटा दिया जाता है। अब एपीएल को भी गेहूं देने की तैयारी है।
बाली बोले, कैबिनेट में होगी चर्चा
अंत्योदय परिवारों को गेहूं 2 रुपये, बीपीएल को 5.25 रुपये के हिसाब से मुहैया करवाया जाता है। केंद्र एपीएल परिवार को गेहूं 6.34 रुपये के हिसाब से देता है। प्रति किलो में 60 पैसे मिल मालिक को पिसाई के दिए जाते हैं। आटा बोरी का खर्चा और लोड अनलोड के खर्चें को मिलाकर एपीएल को आटा प्रति किलो साढ़े आठ रुपये मिलता है।
खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने कहा कि एपीएल परिवारों को गेहूं देने के मामले पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होनी है। सर्वसहमति से निर्णय लिया जाना है। अभी एपीएल के उपभोक्ताओं को आटा दिया जा रहा है। आटा मिल के मालिक पिसाई के रेट बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं।