109 साल पुराना स्कूल जलकर राख
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देर रात 12 बजे जलकर राख हो गया। इसमें स्कूल का सभी रिकार्ड जल कर नष्ट हो गया। यह भवन 1905 में अंग्रेजों ने बनाया था। इस भवन में तब से लेकर अब तक का रिकार्ड भी स्वाह हो गया। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर आग लगाने का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बुधवार को स्कूल से सटी पुराने प्रधानाचार्य निवास में आग लग गई थी। आग कैसे लगी, किसने लगाई इसका अभी तक पुलिस पता नहीं लगा पाई है।
पुलिस के मुताबिक स्कूल में आग लगने की खबर पहले चौकीदार सुरेश कुमार को लगी। जब उसे रात करीब 12 बजे स्कूल से आग की लपटें दिखाई दी जिसकी सूचना उसने पुलिस व छावनी परिषद को दी। पुलिस व छावनी परिषद की की ओर से सूचना देने के बाद करीब दो बजे पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन भड़कती आग पर कड़ी मशक्कत के बावजूद आग पर सुबह के समय काबू पाया गया। उधर, इस दौरान छावनी अर्ल्ट सायरन से छावनी क्षेत्र वासियों को सूचित कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने धारा 336 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की दी है। मामले की पुष्टि चौकी प्रभारी मदन लाल ने की है।
तीन दिन में दूसरी घटना
खुले आसमान के नीचे बैठे छात्र
आगजनी से 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए बने दो कमरे बच गए हैं, लेकिन छठी से 10वीं तक के छात्र बिना भवन के हो गए हैं। शुक्रवार को विद्यार्थियों ने खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगाईं। प्रशासन ने अभी तक वैकल्पिक भवन की व्यव्स्था नहीं की है। स्कूल में करीब 350 विद्यार्थी हैं। स्थानीय निवासी रवि शर्मा, पुष्प अग्रवाल, प्रमोद मारवाह, अशोक शर्मा, सुशील गर्ग सहित अन्य कई छावनी के लोगों ने प्रदेश सरकार से भवन निर्माण की मांग की है।
14 नवंबर को हुआ था जशन
14 नवंबर को यहा सालाना पारितोषिक वितरण समारोह मनाया गया था। मुख्यातिथि के रूप में अपने पुराने स्कूल पहुंचे मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने स्कूल में बिताई पुरानी यादों को ताजा किया और दिल खोलकर स्कूल की ऐतिहासिक इमारत के लिए 18 लाख, शास्त्री धर्नीधर ब्लॉक के लिए 20 लाख रुपये सहित अन्य विकास कार्यों को मिलाकर करीब 40 लाख की घोषणा की थी।
70 लाख की चल अचल संपत्ति राख
स्कूल के प्रधानाचार्य संदीप बहल के अनुसार आग से हुए नुकसान में सन 1905 से स्कूल में पढ़ चुके विद्यार्थियों का दखिला व त्याग रिकार्ड का नामोनिशान नहीं रहा। वहीं करीब पांच लाख का म्यूजिक यंत्र, दो लाख का फर्नीचर, एक लाख की अलमारियां, पचास हजार की फैंसी ड्रेस सहित अगर इमारत की कीमत को जोड़ा जाए तो नुकसान का आंकड़ा 70 लाख तक अनुमानित है।
इस स्कूल से निकले कई होनहार
स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले चौबीस विशेष छात्रों का नाम स्कूल की ओर से प्रकाशित ज्ञान दीप पत्रिका में आज भी इतिहास को दोहराता है। इसमें समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के अलावा दैनिक ट्रिब्यून के संपादक विजय सहगल, ब्रिगेडियर शम्मीराज, ज्योतिष आचार्य मदन गुप्ता, डा. मुकुल भटनागर पीजीआई चंडीगढ़, वैज्ञानिक विपुल गुप्ता, बोस्टन (यूएसए), कपिल गर्ग अमेरिका, ओपी तनवर सेवानिवृत्त शिक्षा उपनिदेशक आदि शामिल हैं।