कालका-शिमला ट्रैक पर रेल इंजन में आग, सवारियों ने ऐेसे बचाई जान
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वे चिल्लाने लगे और कुछ लोग चलती ट्रेन से कूदने लगे। चालक ने तुरंत ब्रेक लगा दी और सहयोगियों की मदद से अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया।
उन्होंने निकटवर्ती स्टेशन धर्मपुर और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। करीब 20 मिनट बाद आग पर काबू पाया गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं। ढाई घंटे तक रेल ट्रैक बाधित रहा। कई ट्रेनें लेट होने से यात्री परेशान रहे।
रास्ते में इंजन से धुआं उठने लगा
दूसरी ट्रेन से टोह कर जला इंजन शिमला पहुंचाया। आग तकनीकी कारणों से लगी बताई जा रही है। रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। कालका से दोपहर 12:10 बजे ट्रेन (52455) शिमला रवाना हुई।
करीब 2:10 बजे गाड़ी धर्मपुर स्टेशन से कुमारहट्टी के लिए बढ़ी तो रास्ते में इंजन से धुआं उठने लगा। चालक ने ब्रेक लगाई और नीचे उतरकर देखा तो पाया कि इंजन में आग भड़क गई है।
अफरातफरी का माहौल बन गया। करीब 2:30 बजे अग्निशमन विभाग को हादसे की सूचना दी गई। अग्निशमन विभाग की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।
जांच के बाद होगा कारणों का खुलासा : रेलवे
रेलवे के यातायात निरीक्षक केवल प्रकाश ने आग लगने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आग कैसे लगी, इसकी जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
देरी से शिमला पहुंची गाड़ियां, सैलानी हुए परेशान
कालका शिमला विश्व धरोहर रेल मार्ग पर कालका से शिमला की ओर आ रही ट्रेन संख्या 52455 हिमालयन क्वीन के इंजन में सोलन के पास आग लगने से कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
हालांकि शिमला से कालका की ओर जा रही ट्रेन संख्या 52456 का इंजन हिमालयन क्वीन में जोड़ कर इस गाड़ी को शिमला पहुंचाया गया लेकिन इंजनों की अदला बदली में समय लगने से गाड़ियां लेट हो गई। गाड़ियां लेट चलने के कारण सैलानियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे के ट्रैफिक इंस्पेक्टर केवल शर्मा ने बताया कि हिमालयन क्वीन के इंजन में आग लगने के बाद ट्रेन संख्या 52456 का इंजन गाड़ी में लगा दिया गया था। इस घटना के कारण गाड़ियों की आवाजाही आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।