संपत्ति कब्जाने के आरोप में वीरभद्र, विक्रमादित्य समेत चार के खिलाफ एफआईआर
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पदम पैलेस से केयरटेकर को निकाले जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, बेटे विक्रमादित्य सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। यह मामला पदम पैलेस के एक हिस्से में रह रहे राज परिवार के सदस्य और वीरभद्र सिंह के भतीजे राजेश्वर सिंह के केयरटेकर से जुड़ा हुआ है।
आरोप है कि राजेश्वर सिंह की गैरमौजूदगी में उनके केयरटेकर का सामान पदम पैलेस से जबरन बाहर निकाल दिया गया। पुलिस ने संपत्ति कब्जाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। राजेश्वर सिंह ने एसपी शिमला के माध्यम से शिकायत की थी, जिसके बाद वीरभद्र सिंह, विक्रमादित्य सिंह, पूर्व इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी) एसपी नेगी और रामपुर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर ठाकुर को मामले में नामजद किया गया है।
इससे पूर्व केयरटेकर ने भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते शिकायत कुछ घंटे बाद वापस ले ली गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार पदम पैलेस के एक हिस्से पर उनका अधिकार है। मस्त राम उनके केयरटेकर हैं, जिन्हें आरोपियों ने सामान समेत जबरन बाहर निकाल दिया।
केयरटेकर ने वापस ले ली थी शिकायत
बताया जा रहा है कि सप्ताह भर पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सराहन दौरे के दौरान रामपुर पहुंचे थे। इसी दौरान केयरटेकर ने महल के एक हिस्से में रखे उनके सामान को बाहर निकालने की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने राजमहल की घटना की जांच की।
बाकायदा केयरटेकर के अलावा चौकीदार रोशन लाल के बयान दर्ज किए गए। बताया गया कि महल का एक हिस्सा राज परिवार के सदस्य राजेश्वर सिंह के पास है। केयरटेकर इसी हिस्से में पिछले 25 वर्ष से काम कर रहे हैं।
दिलचस्प है कि केयरटेकर ने अपनी शिकायत को कुछ घंटे बाद ही वापस ले लिया था, लेकिन बाद में राजेश्वर सिंह ने एसपी शिमला को शिकायत भेज दी, जिसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनके बेटे विक्रमादित्य समेत चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 427 और 448 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसपी शिमला ओमापति जम्वाल ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी जिसे रामपुर थाने को भेज दिया था।
पारिवारिक मामला, मिल-बैठकर सुलझा लेंगे
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र और शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश (ट्रेसपास) का मामला दर्ज बताया जा रहा है, मगर यह मामला केवल सरकारी जमीन या किसी और की जमीन पर होता है।
राजस्व रिकार्ड के अनुसार ये जगह हमारे नाम है। ऐसे में कोई मामला नहीं बनता। अगर मामला दर्ज हुआ है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है। ये हमारा पारिवारिक मामला है। ये विवाद मिल-बैठकर सुलझ जाएगा।
मंगलवार देर रात पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विक्रमादित्य सिंह, पूर्व ईएनसी एसपी नेगी और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
-रविंद्र नेगी, थाना प्रभारी, रामपुर