फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Farmers are increasingly turning towards planting lemon, 13173 plants have been sold

धर्मशाला: किसानों का कागजी नींबू लगाने की ओर बढ़ रहा रुझान,13173 पौधे बिक चुके

Mon, 02 Sep 2024 11:21 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 02 Sep 2024 11:21 AM IST
सार

प्रदेश के जिला कांगड़ा के किसान और बागवानों में धीरे-धीरे कागजी नींबू का ओर रुझान बढ़ रहा है।

विज्ञापन
Farmers are increasingly turning towards planting lemon, 13173 plants have been sold
कागजी नींबू लगाने की ओर बढ़ रहा रुझान - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के किसान और बागवानों में धीरे-धीरे कागजी नींबू का ओर रुझान बढ़ रहा है। इस बरसात में अभी तक उद्यान विभाग की सरकारी नर्सरियों से 13,173 कागजी नींबू के पौधे बिक चुके हैं। इसके अलावा कलमी नींबू के 400 और नींबू की अन्य किस्मों के 575 पौधे बिके हैं। वहीं गलगल के 1886 पौधे किसानों ने खरीदे हैं। जिलेभर में दूसरे नंबर पर फलों के राजा आम की विभिन्न किस्मों के पौधे सरकारी नर्सरियों में 11,801 और निजी नर्सरियों में 1195 बिके हैं। इसमें सबसे अधिक मांग दशहरी आम की रही है। 

विज्ञापन

ये अभी तक 6,896 बिके हैं। 30 अगस्त तक जिला कांगड़ा में बरसात के मौसम में लगने वाले फलदार पौधों के 55,311 पौधे किसानों ने खरीद लिए हैं। अभी तक लीची के 3,549, नागपुरी संतरा के 3,626, नूरपुरी संतरा के 1760, किन्नू के 214, मौसमी के 471, माल्टा के 180, अमरूद के 3,205, कटहल के 1,334, पपीता के 2,555 पौधे किसानों ने खरीदे हैं। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम खत्म होने तक यह आंकड़ा 75 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। बता दें कि अब किसानों की रुझान खेतीबाड़ी से कम हो रहा है और बागवानी की तरफ बढ़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बेसहारा पशुओं के तंग आकर अब किसानों ने बागवानी की ओर दिलचस्पी दिखाना शुरू कर दी है। इससे किसानों को फायदा भी हो रहा है और पर्यावरण संरक्षण भी हो रहा है, जो वातावरण के लिए काफी जरूरी है।  उद्यान विभाग की ओर से बरसात में लगने वाले फलदार पौधों की 15 जुलाई से बिक्री शुरू हो गई थी। आम के पौधे के दाम 70 से 75, नींबू-मौसमी के 60 और लीची के पौधे के दाम 70 रुपये है। जिला कांगड़ा में उद्यान विभाग चार सरकारी नर्सरियों इंदपुर, जसूर, गुम्मर और बड़ोह में 81,520 विभिन्न किस्मों के फलदार पौधे उपलब्ध हैं। अन्य तीन नर्सरियों में 41,730 पौधे और सरकार की ओर से पंजीकृत 12 नर्सरियों में 2,34,115 पौधे हैं। इसमें आम, नींबू, लीची, अमरूद, कटहल और जामुन आदि के पौधे हैं। 

विज्ञापन

जिला कांगड़ा की चार सरकारी नर्सरियों में 81,520 फलदार पौधे उपलब्ध हैं। इसके अलावा किसान ब्लॉक में अधिकारियों पर पास अधिक पौधों की डिमांड भी कर सकते हैं। अभी तक जिले भर में 55,311 विभिन्न फलदार पौधे किसानों ने खरीद लिए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण बेहद जरूरी है, इसलिए किसान फलदार पौधे लगाएं। इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी और हरियाली भी बढ़ेगी। - कमलशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा



 

पौधों की कीमत
फल                                               दाम
आम (लंगड़ा, दशहरी, चौसा)               70
आम (मलिका, दशहरी-51, आम्रपाली)  70
नींबू, मौसमी, संतरा, मालटा                 60
बारामासी नींबू                                  55
अमरूद, मलबैरी                              60
आंवला                                           60
ओलिव, पिस्ता                                 50
लीची                                            70
पीकानट                                       140
करौंदा                                          45
बेल                                              35
चीकू                                            50

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed