पाटिल की मौजूदगी में कांग्रेस के पहले सम्मेलन में गुटबाजी हावी, इनके समर्थन में आए सुक्खू
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कुछ अरसा पहले धर्मशाला में कांगड़ा चंबा के सभी विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ सुक्खू के खिलाफ शक्ति-प्रदर्शन करने वाले पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने रजनी पाटिल के पहले ही सम्मेलन से किनारा कर लिया।
गुटबाजी देखकर पाटिल ने भी प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत होने की बात कहकर सुक्खू को अपरोक्ष रूप से सख्त संदेश दिया। सम्मेलन में सुक्खू ने इशारों में बाली को लोस सीट का उम्मीदवार बताने की कोशिश की, जिसका सुधीर गुट ने पाटिल के सामने विरोध किया।
आजाद लड़ने वाले नेता पहुंच गए सम्मेलन में
सुधीर और बाली की एंट्री भी शक्ति-प्रदर्शन के साथ हुई। पाटिल के सामने समर्थकों ने जमकर नारेबाजी कर सुधीर और बाली की लोकसभा टिकट के लिए दावेदारी जताई। पाटिल इस राजनीतिक ड्रामे से नाराज हुईं।
धर्मशाला में स्थगित हुए सम्मेलन स्थल के मामले को अपनों की राजनीतिक जंग से जोड़ा गया। नगरोटा बगवां ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष मनोज मेहता भी सम्मेलन से नदारद रहे।
सम्मेलन में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ आजाद उम्मीदवार के रूप में लड़ने वाले नेताओं की मौजूदगी पर हंगामा हो गया। हारे हुए नेताओं ने पाटिल के सामने इसकी आपत्ति जताई। धर्मशाला से बतौर आजाद उम्मीदवार लड़ने वाले पंकज मंच पर दिखे तो सुधीर ने पाटिल से इसकी शिकायत कर दी।