फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Expert Seminar on Increasing Monkey Problem in States.

बिगड़ैल बंदरों को समझने के लिए मंथन, शिमला पहुंचे एक्सपर्ट

Wed, 04 Jan 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 04 Jan 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
Expert Seminar on Increasing Monkey Problem in States.

बंदरों की समस्या से जूझ रहे प्रदेशों को राहत पहुंचाने के लिए हिमाचल के वन विभाग ने पहल की है। प्रदेश का वन विभाग केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की मदद से बुधवार को सोलन में एक सेमीनार का आयोजन कर रहा है।

विज्ञापन


इसमें देशभर से आने वाले वन्यजीव विशेषज्ञ बंदरों से हो रही परेशानी पर चर्चा करेंगे। पहले इस सेमीनार में विभाग ने भारत के अलावा अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, मलयेशिया, हांगकांग, श्रीलंका और सिंगापुर के विशेषज्ञों को बुलाया था।
विज्ञापन


लेकिन फिलहाल किसी विदेशी विशेषज्ञ ने सेमीनार में आने में रुचि नहीं दिखाई। बुधवार को सोलन में होने वाले सेमीनार में बंदरों के व्यवहार पर सालों से रिसर्च कर रहे विशेषज्ञ इस दौरान इस बात पर चर्चा करेंगे कि कैसे बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोका जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिमाचल के अलावा बंदरों की समस्या से जूझ रहे दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार जैसे राज्यों के अधिकारी भी सेमीनार में आएंगे। प्रधान सचिव वन तरुण कपूर ने बताया कि सेमीनार में बंदरों की साइकोलॉजी को समझने का प्रयास किया जाएगा।


वर्तमान में हिमाचल में बंदरों की समस्या को रोकने के लिए जितने प्रयास हुए, उतने किसी प्रदेश में नहीं हुए। बावजूद इसके बंदरों के आतंक में खास कमी नहीं आई है। ऐसे में अब दूसरे देशों, जहां बंदरों की समस्या पर काम हो रहा है, उनसे सुझाव लेकर अमल में लाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed