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मिड डे मील वर्करों को स्वस्थ होने का पर्चा देने पर मिलेगी स्कूल में एंट्री
Fri, 29 Jan 2021 11:49 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:49 AM IST
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मिड डे मील (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संकट को देखते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने बच्चों के लिए दोपहर भोजन बनाने वाले वर्करों को खुद के पूर्ण स्वस्थ होने की सेल्फ डिक्लेरेशन देने के बाद ही स्कूलों में प्रवेश देने का फैसला लिया है। वीरवार को जारी एसओपी में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला और ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि दोपहर भोजन बनाने के लिए आने वाले वर्कर कोरोना संक्रमित नहीं होने चाहिए।
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स्कूल में आने से पहले उनसे खुद के और परिवार के लोगों के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने का सेल्फ डिक्लेरेशन लिया जाए। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उनकों स्कूल में प्रवेश दिया जाए। वर्करों का तापमान रोजाना नोट किया जाए। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक शुभकरण सिंह ने कहा है कि दोपहर भोजन बनाने वाले वर्कर नेल पॉलिश या आर्टिफिशियल नाखून न लगाएं। भोजन बनाते समय घड़ी, अंगूठी, चूड़ियों और अन्य प्रकार की ज्वेलरी का प्रयोग न करें।
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भोजन बनाने वाले स्थान में सफाई रखी जाए। बच्चों को उचित दूरी में बिठाया जाए। अगर पांचवी और आठवीं कक्षा के विद्यार्थी अधिक हैं तो उन्हें अलग-अलग समय पर उचित शारीरिक दूरी बनाते हुए भोजन परोसा जाए। भोजन बनाने वाले वर्कर अपने सिर को पूरी तरह से ढक कर रखें।
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हाथों में दस्ताने पहने और फेस मास्क का प्रयोग भी करें। ग्रीष्मकालीन स्कूलों से पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पहली फरवरी और शीतकालीन स्कूलों में 15 फरवरी से मिड डे मील देना शुरू होगा। उधर, पहली से चौथी और छठी-सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पहले की तरह की राशन घरों पर दिया जाएगा।