Mandi: शानन परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे पंजाब के ऊर्जा मंत्री, बोले- रिक्त पद भरेंगे, उत्पादन भी बढ़ाएंगे
जोगिंद्रनगर स्थित शानन में बने विद्युत परियोजना की 99 साल की अवधि खत्म होने से पहले पंजाब के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ने परियोजना का निरीक्षण कर सुविधाओं और संसाधनों का जायजा लिया।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर स्थित शानन में बने विद्युत परियोजना की 99 साल की अवधि खत्म होने से पहले पंजाब के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ने परियोजना का निरीक्षण कर सुविधाओं और संसाधनों का जायजा लिया। साल 2024 में शानन परियोजना की लीज अवधि समाप्त होनी है। इससे पहले शुक्रवार को जोगिंद्रनगर पहुंचे ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की इस 110 मेगावाट विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन पंजाब सरकार की देखरेख में हो रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिए समय-समय पर बजट का प्रावधान पंजाब राज्य कर रहा है। कर्मचारियों के रिक्त पदों की पूर्ति जल्द होगी। नए आवास भी बनेंगे।
शानन पावर हाउस की ओर जाने वाली सड़कों की मरम्मत के लिए बजट को स्वीकृत कर दिया है। करीब एक घंटे तक परियोजना का शानन परियोजना का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों से बैठक की। इस दौरान परियोजना के एसई अजीत सिंह ने बताया कि शानन पनविद्युत परियोजना में 22 करोड़ से अधिक की राशि से जीर्णोद्धार का कार्य निपटा लिया गया है। 15 मई के बाद परियोजना में विद्युत का प्रचुर उत्पादन शुरू होगा। परियोजना प्रबंधन की ओर से खर्च किए करोड़ों रुपये से अब बिना रुकावट विद्युत उत्पादन जारी रहेगा जंग खा चुके ट्रांसफार्मरों और खस्ताहाल रनर को बदलने के साथ-साथ परियोजना के भवन में रंग रोगन और आवागमन करने वाली सड़क की टारिंग पर लाखोंं रुपये खर्च कर परियोजना को नया स्वरूप दिलाया जाएगा। बताया कि परियोजना में 12 एमबी के सात और 19 एमबी के चार ट्रांसफार्मरों पर करीब 15 करोड़ रुपये का खर्च किया गया है, जबकि 50 एमजी और 15 एमजी के दो रनर को बदला गया है।
इस पर करीब छह करोड़ रुपये का खर्च किया गया है। बरोट स्थित रेजर वायर की डीसिल्टिंग के कार्य भी पूरा कर लिया गया है। अजीत सिंह ने पंजाब राज्य के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह को बताया कि वर्ष 1925 में स्थापित एशिया के पहले शानन रोपवे के जीर्णोद्धार पर भी परियोजना प्रबंधन की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। रोपवे में गल सड़ चुके स्लीपरों व लोहे के रस्सों को नए सिरे से स्थापित किया गया है ट्राली के आधारभूत पुराने ढांचे मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर स्थापित करने का कार्य प्रगति पर हैं । परियोजना प्रबंधन की ओर से अनुमानित दो करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इनमें 1 करोड़ 50 लाख की धन राशि खर्च कर दी गई है।
करोड़ों की आमदनी जुटाने वाली हिमाचल में स्थापित 110 मेगावाट पन विद्युत शानन परियोजना हिमाचल का मालिकाना हक दिलाने के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने हाल ही में पजांब राज्य की आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की थी। अब प्रदेश पहुंचे पंजाब राज्य के ऊर्जा मंत्री ने परियोजना के जीर्णोद्धार पर बजट उपलब्ध करवाने की घोषणा भी कर दी है। ऐसे में अब परियोजना को अपने अधीन रखने के लिए हिमाचल ओर पंजाब राज्य की सरकारें सक्रिय हो गई हैं।
1925 में हुआ था शानन परियोजना का निर्माण
मंडी जिला के जोगिंद्रनगर में शानन परियोजना का निर्माण मार्च 1925 में मंडी राज्य के शासक जोगिंद्र सेन और कर्नल बीसी बैटी ने 99 साल की लीज डीड के तहत किया गया था। शानन पावर प्रोजेक्ट की 99 साल की लीज 2024 को समाप्त हो रही है। मौजूदा समय में परियोजना में विद्युत उत्पादन पंजाब राज्य की देख रेख में हो रहा है। लीज अवधि खत्म होते ही शानन प्रोजेक्ट हिमाचल के हिस्से में आ जाएगा।