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विद्युत बोर्ड के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 09 Jun 2014 03:44 PM IST
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हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पर इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने मनमर्जी का आरोप लगाया है, जिससे कर्मचारियों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या के बराबर पेंशनर हो गए हैं।
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इससे कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हिमाचल प्रदेश
राज्य विद्युत बोर्ड इंपलाइज यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बोर्ड में कर्मचारियों की लगातार घटती संख्या चिंता की बात है।
बोर्ड में आज सात हजार पद खाली हैं, जिसे भरने के लिए लगातार मांग की जा रही है। इस पर प्रबंधन विचार करने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री ने बोर्ड के विभिन्न श्रेणी के 2050 पदों को भरने के लिए स्वीकृति दी थी, लेकिन उसे भरने में आज तक बोर्ड प्रबंधन नाकाम रहा है।
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इस माह के अंत तक बोर्ड में पेंशनरों की संख्या 18500 तक पहुंच जाएगी, जबकि कर्मचारियों की संख्या भी लगभग इतनी ही है। आरोप लगाया कि कुप्रबंधन के कारण बोर्ड की स्थिति चरमरा गई है। भविष्य में इसका असर कर्मचारियों, पेंशनरों और जनता पर पड़ेगा।
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