शिमला शहर में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, स्थापित होंगे चार्जिंग स्टेशन
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एचआरटीसी ने राजधानी शिमला में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी हैं। इलेक्ट्रिक बसों के लिए निगम की ढली वर्कशाप और टुटीकंडी आईएसबीटी के पास चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे।
फेम इंडिया (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकलस) स्कीम के तहत शिमला को नए साल पर 35 इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं। इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिली है।
एचआरटीसी ने 35 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। शिमला में सात मीटर लंबी ई-बसें चलाने की योजना है। बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की चुकी है।
बसों की लंबाई सात मीटर और फ्लोर हाइट 900 एमएम निर्धारित की है। एचआरटीसी ने ऐसी ई-बसों को प्राथमिकता दी है जो कम समय में चार्ज होती है और कम चार्जिंग में भी ज्यादा चलती हैं।
दावा किया जा रहा है कि सामान्य इलेक्ट्रिक वाहनों के मुकाबले एचआरटीसी द्वारा खरीदी जा रही इलेक्ट्रिक बसों की बैटरी भी कम वजन वाली है। इन बसों की खरीद को 60 फीसदी पैसा केंद्र सरकार और 40 फीसदी पैसा प्रदेश सरकार दे रही है।
जाम की समस्या से शहर को दिलाएगी निजात
एचआरटीसी बीएसएनडीए के मंडलीय प्रबंधक अनिल सेन ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए ढली वर्कशाप और टुटीकंडी आईएसबीटी के पास चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
मौजूदा समय में शहर में जेएनएनयूआरएम-2 के तहत मिली नीले रंग की मिडी बसें चल रही हैं। नीली बसों की लंबाई नौ मीटर है जिसके चलते यह बसें शहर की सड़कों पर जाम का कारण बन रही है।
विशेषकर सर्कुलर रोड और न्यू शिमला में लंबी बसों के कारण जाम की समस्या पेश आ रही है। इनके स्थान पर नई सात मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें चलने से जाम की समस्या से शहर को निजात मिलेगी।
नीली और लाल बसें होंगी रिप्लेस
सात मीटर लंबी नई इलेक्ट्रिक बसें आने के बाद शहर में मौजूदा समय में चल रही नौ मीटर लंबी नीली बसें और खटारा हो चुकीं साढ़े सात मीटर लंबी लाल बसें रिप्लेस की जाएंगी। इलेक्ट्रिक बसें लाल बसों से भी आधा मीटर छोटी होगी।