{"_id":"6133363d8ebc3e494c7dee7e","slug":"election-commission-of-india-not-to-hold-bye-elections-in-mandi-lok-sabha-constituency-and-fatehpur-assembly-constituency","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत निर्वाचन आयोग: हिमाचल की लोकसभा और विधानसभा सीटों पर फिलहाल नहीं होंगे उपचुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत निर्वाचन आयोग: हिमाचल की लोकसभा और विधानसभा सीटों पर फिलहाल नहीं होंगे उपचुनाव
Sat, 04 Sep 2021 06:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 04 Sep 2021 06:45 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका, प्रदेश में हो रही बारिश से बाढ़ और आपदा का खतरा और त्योहारी सीजन के चलते फिलहाल उपचुनाव नहीं होंगे।
विज्ञापन
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित उपचुनाव को भारत निर्वाचन आयोग ने फिलहाल टाल दिया है। आयोग की बीते एक सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में मुख्य सचिव, स्वास्थ्य और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व डीजीपी ने कोविड, त्योहारी सीजन और मौसम का हवाला देते हुए चुनाव टालने की गुजारिश की थी। आयोग ने फैसला लिया है कि अब त्योहारी सीजन के बाद ही चुनावों पर फैसला होगा।
विज्ञापन
मंडी संसदीय सीट और कांगड़ा के फतेहपुर की विधानसभा सीट छह महीने पहले तत्कालीन सांसद व विधायक के निधन के चलते रिक्त हो गई थीं। सांविधानिक व्यवस्था के अनुसार छह महीने में चुनाव कराए जाने थे। इन दोनों सीटों के साथ हाल ही में खाली हुई अर्की और जुब्बल-कोटखाई सीट पर होने वाले उपचुनाव भी टल गए हैं।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि मंडी लोकसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की संभावना अब बेहद कम है। क्योंकि लोकसभा का टर्म तीन साल से ज्यादा का बचा है जबकि विधानसभा का कार्यकाल पंद्रह महीने है। आयोग ने त्योहारी सीजन के बाद उपचुनाव को लेकर विचार करने की बात कही है।
विज्ञापन
नवंबर में त्योहारी सीजन के खत्म होने के साथ ही बर्फबारी का सीजन शुरू हो जाएगा जो फरवरी तक चलता है। जनवरी से विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम का रह जाएगा। ऐसे में एक साल से कम समय में उपचुनाव न कराए जाने का नियम आड़े आ सकता है।