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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी छात्र ने प्रशासन पर जताया पूरा भरोसा
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शिमला। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल में शुक्रवार को कक्षाएं शुरू हो गईं। दस दिन तक मूलभूत सुविधाओं की मांगों को लेकर आंदोलनरत नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के सभी छात्र आंदोलन खत्म कर शुक्रवार को कक्षाओं में लौट आए।
यूनिवर्सिटी में आम दिनों की तरह कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। बीते रोज छात्रों की मांगों को सुनने स्वयं कैंपस पहुंचे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी और न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान पहुंचे थे। इन सभी मांगों को जायज बताकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी ने पूरा करने का आश्वासन दिया। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मीडिया को भेजे बयान में कहा कि उन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन पर विश्वास है, अब उन्हें इंतजार है कि उनकी उठाई गईं मांगें बारी-बारी से कम से कम समय में पूरी हाें। घंडल में कई राज्यों के छात्र ग्रहण कर रहे हैं शिक्षा। छात्रों ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के चेयरमैन रमाकांत मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश के कैंपस आने से पूर्व छात्रों से न केवल बातचीत की बल्कि छात्रावासों और कैंपस में दी जा रही सुविधाओं तथा समस्याओं का स्वयं जायजा भी लिया। मुख्य न्यायाधीश के स्वयं कैंपस आकर मामले को सुलझाने पर छात्रों ने उनका आभार जताया है।
चांसलर के समक्ष छात्रों ने यह उठाई हैं मांगें
छात्रों ने बताया कि मौजूदा मेस के अनुबंध को समाप्त कर नए सिरे से ठेके पर देने, गुणवत्तापूर्ण भोजन मुहैया करवाने, पुस्तकालय की टाइमिंग नौ बजे तक बढ़ाने, कैंपस में रोशनी की उचित व्यवस्था करने, छात्रों के कपड़ों को धोने की व्यवस्था करने की मांगे प्रमुख रूप से उठाई गईं हैं। छात्रावासों में गैर शिक्षकों को वार्डन बनाने, छात्रों की अलग से स्टूडेंट बार एसोसिएशन बनाने की मांग उठाई है। छात्रों ने दावा किया कि इन मांगों को चांसलर ने जायज ठहराया है। यूनिवर्सिटी में एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग, कंप्यूटराइजेशन की सुविधा संस्थान के आर्थिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए किए जाने का फैसला दिया गया है। कुलपति ने कैंपस में इंटरनेट सुविधा को जल्द सुधारने, छात्रवृत्ति का लाभ हर पात्र छात्र को निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को सुधारे जाने की बात को भी माना है।
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यूनिवर्सिटी में आम दिनों की तरह कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। बीते रोज छात्रों की मांगों को सुनने स्वयं कैंपस पहुंचे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी और न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान पहुंचे थे। इन सभी मांगों को जायज बताकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी ने पूरा करने का आश्वासन दिया। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मीडिया को भेजे बयान में कहा कि उन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन पर विश्वास है, अब उन्हें इंतजार है कि उनकी उठाई गईं मांगें बारी-बारी से कम से कम समय में पूरी हाें। घंडल में कई राज्यों के छात्र ग्रहण कर रहे हैं शिक्षा। छात्रों ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के चेयरमैन रमाकांत मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश के कैंपस आने से पूर्व छात्रों से न केवल बातचीत की बल्कि छात्रावासों और कैंपस में दी जा रही सुविधाओं तथा समस्याओं का स्वयं जायजा भी लिया। मुख्य न्यायाधीश के स्वयं कैंपस आकर मामले को सुलझाने पर छात्रों ने उनका आभार जताया है।
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चांसलर के समक्ष छात्रों ने यह उठाई हैं मांगें
छात्रों ने बताया कि मौजूदा मेस के अनुबंध को समाप्त कर नए सिरे से ठेके पर देने, गुणवत्तापूर्ण भोजन मुहैया करवाने, पुस्तकालय की टाइमिंग नौ बजे तक बढ़ाने, कैंपस में रोशनी की उचित व्यवस्था करने, छात्रों के कपड़ों को धोने की व्यवस्था करने की मांगे प्रमुख रूप से उठाई गईं हैं। छात्रावासों में गैर शिक्षकों को वार्डन बनाने, छात्रों की अलग से स्टूडेंट बार एसोसिएशन बनाने की मांग उठाई है। छात्रों ने दावा किया कि इन मांगों को चांसलर ने जायज ठहराया है। यूनिवर्सिटी में एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग, कंप्यूटराइजेशन की सुविधा संस्थान के आर्थिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए किए जाने का फैसला दिया गया है। कुलपति ने कैंपस में इंटरनेट सुविधा को जल्द सुधारने, छात्रवृत्ति का लाभ हर पात्र छात्र को निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को सुधारे जाने की बात को भी माना है।
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