कम छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा एलान
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि कम विद्यार्थी संख्या वाले सरकारी स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्राइमरी स्तर पर बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देगी। इसके लिए सरकार कुछ नया प्लान लेकर चल रही है।
भारद्वाज ने कहा कि निजी स्कूल एक तरह से व्यावसायिक दुकानें हैं, जो अपने कारोबार के लिए खोली गई हैं। अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। सरकारी स्कूलों में अच्छे प्रशिक्षित शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को लेकर जल्द ही प्रदेश सरकार नया कानून ला रही है। अभिभावक निजी स्कूलों में इसलिए बच्चों को भेजते हैं क्योंकि यहां पर तीन साल के बच्चे का दाखिला हो जाता है। सरकारी स्कूलों में नियमों के अनुसार छह साल के बच्चे को ही दाखिला मिलता है।
10 जिलों में बनाए जाएंगे आदर्श स्कूल
भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री आवासीय विद्यालय योजना के तहत प्रदेश के 10 जिलों में आदर्श स्कूल बनाए जाएंगे। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए फिलहाल इन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
आदर्श स्कूलों में शिक्षा के लिहाज से हर सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए बजट का भी प्रावधान किया गया है।
भारद्वाज ने कहा कि रूसा प्रणाली को बंद नहीं किया जाएगा। रूसा प्रणाली सिस्टम को पूर्व में कांग्रेस सरकार ने गलत तरीके से पेश किया है, जिसको लेकर छात्रों में असमंजस बना हुआ है। कहा कि सरकार शैक्षणिक सत्र के दौरान किसी प्रकार के तबादले नहीं करेगी।