एसएमसी शिक्षक संगठन के कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री भारद्वाज ने दिया बड़ा बयान
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प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार विचार कर रही है कि स्कूलों को मर्ज और बच्चों को शिफ्ट किया जाए या नहीं। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार बच्चों को निजी स्कूलों में भी शिफ्ट कर उनका खर्च वहन कर सकती है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने रविवार को होटल वुडविला पैलेस में पीरियड बेस एसएमसी शिक्षक संगठन की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में यह बात कही।
कहा कि सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। इससे पहले पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग और सरकार विभिन्न प्रक्रियाओं के तहत भर्ती शिक्षकों में समानता लाने का प्रयास कर रहे हैं।
इसमें एसएमसी शिक्षक भी सम्मिलित होंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों से परामर्श कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि दूरदराज व अन्य क्षेत्रों में एसएमसी शिक्षक अपने कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।
जल्द नीति बनाई जाएगी
उन्होंने कहा कि एसएमसी शिक्षक जहां पढ़ा रहे हैं, वहां नियमित शिक्षक की नियुक्ति न की जाए, इस पर भी विचार किया जाएगा। इन अध्यापकों को अवकाश व अन्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए विभाग से बात कर जल्द नीति बनाई जाएगी। शिक्षकों को सिर्फ उनकी काबिलियत को याद दिलाने मात्र का असर इस बार के बारहवीं व दसवीं के परीक्षा परिणामों बच्चों के टॉपर होने से दिखा है।
समारोह में कृषि मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने कहा कि एसएमसी भर्ती नीति भाजपा के पूर्व शासनकाल में शुरू की गई थी। एसएमसी अध्यापक शिक्षा की ओर भी विशेष ध्यान दें। कार्यक्रम में चौपाल क्षेत्र के विधायक बलवीर वर्मा, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव तथा प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा,
एसएमसी संघ के अध्यक्ष रोशन चिंटा, पार्षद डॉ. किमी सूद, प्रदेश सचिव भाजपा शशिबाला, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरदेव, ओएसडी मामराज पुंडीर, एसएमसी प्रदेश संघ के पदाधिकारी तथा सदस्य उपस्थित थे।