मिड-डे मील योजना: ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जनवरी माह से फिर मिल सकता है दोपहर का भोजन
पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए दो वर्ष बाद फिर योजना शुरू करने की तैयारी हो गई है। कोरोना संकट के कारण मार्च 2020 से सरकारी स्कूलों में दोपहर का खाना नहीं पक रहा है। इन आठ कक्षाओं के सवा पांच लाख विद्यार्थियों को अभी सूखा राशन ही दिया जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जनवरी 2022 से दोपहर का भोजन बनना फिर शुरू हो सकता है। पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए दो वर्ष बाद फिर योजना शुरू करने की तैयारी हो गई है। कोरोना संकट के कारण मार्च 2020 से सरकारी स्कूलों में दोपहर का खाना नहीं पक रहा है। इन आठ कक्षाओं के सवा पांच लाख विद्यार्थियों को अभी सूखा राशन ही दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम (मिड डे मील) को हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में दोबारा शुरू करने को लेकर शिक्षा विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है।
इसके लिए अब केंद्र सरकार से बजट का इंतजार है। प्रदेश सरकार के शेयर को भोजन बनाने वाले वर्करों के वेतन पर खर्च किया जा रहा है। केंद्र सरकार से बजट मिलते ही इस योजना को दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा। एक जनवरी से 15 फरवरी तक शीतकालीन स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां रहेंगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में तीन से आठ जनवरी तक अवकाश दिया गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग की योजना है कि जनवरी में ग्रीष्मकालीन स्कूल खुलने पर अगर कोरोना संक्रमण के मामले कम ही रहे तो स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाना फिर शुरू कर दिया जाएगा।