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भूकंप: हिमाचल के चंबा और लाहौल में 3.4 तीव्रता से डोली धरती

Thu, 27 Jan 2022 11:03 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/लाहौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/लाहौल Published by: Krishan Singh Updated Thu, 27 Jan 2022 11:03 PM IST
सार

 मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इसका केंद्र चंबा जिले में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर गहराई पर था। भूकंप के झटके महसूस होने पर कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर से गए।

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earthquake Tremors felt in chamba and lahul of himachal
भूकंप(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के चंबा में गुरुवार रात करीब 9 बजकर 13 मिनट पर रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के झटके लाहौल में भी दर्ज किए गए। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इसका केंद्र चंबा जिले में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर गहराई पर था। भूकंप के झटके महसूस होने पर कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर से गए। हालांकि, भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। इससे पहले भी चंबा में भूकंप आते रहे हैं। 

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उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि भूकंप से नुकसान की सूचना नहीं है।

हिमाचल भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील
हिमाचल जोन पांच यानी भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील वर्ग में आता है। 4 अप्रैल 1905 को हिमाचल में 7.8 तीव्रता वाला बड़ा भूकंप आ चुका है। इसके बाद हिमाचल में बड़े भूकंप अक्सर आते रहे हैं। 28 फरवरी 1906 को कुल्लू में 6.4 तीव्रता वाला भूकंप आया था। वर्ष 1930 में भी 6.10 तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसके बाद वर्ष 1945 में 6 और 1975 में 6.8 तीव्रता वाला भूकंप आया था। प्रदेश के चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर सिस्मिक जोन पांच और लाहौल स्पीति, शिमला, सिरमौर, सोलन जोन चार में आते हैं।  विशेषज्ञों के अनुसार लोगों को बेतरतीब निर्माण के बजाय भूकंपरोधी घर ही बनाने चाहिए ताकि आपदा के समय उनकी जिंदगी बच सके। 
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1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थी जानें
कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अलसुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।

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