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हिमाचल में ई-रिक्शा चलाने की योजना
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:58 PM IST
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यातायात के विभिन्न साधनों से जुड़ी समस्याओं को बताने के लिए प्रदेश में कॉल सेंटर खोला जाएगा। टोल फ्री नंबर पर लोग अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। शनिवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन की अध्यक्षता में हुई स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा बसों के अंदर और बाहर मालिक का नाम और फोन नंबर लिखना अनिवार्य कर दिया गया है।
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प्रदेश में ऑटो रिक्शा की जगह अब ई-रिक्शा चलाने की योजना भी है। कार को किराए पर देने की इच्छुक कंपनियों का पंजीकरण भी हिमाचल में किया जाएगा। हिमाचल में गाड़ियों के मॉडल मंजूर करने की प्रक्रिया को सरल करने का फैसला भी लिया गया है। इन सभी बिंदुओं पर राज्य सरकार अब पॉलिसी बनाने में जुट गई है। आने वाले दिनों में इन फैसलों की अधिसूचना जारी होते ही आदेश लागू हो जाएंगे।
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स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन अजय मित्तल ने की। बैठक में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सरकारी सदस्य और निदेशक परिवहन प्रियतू मंडल, सदस्य सचिव संजय शर्मा, गैर सरकारी सदस्य सरदार सिंह ठाकुर, सुमित खन्ना और मियां मोहिंद्र सिंह मौजूद रहे।
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बैठक में फैसला लिया गया कि लोगों को यातायात के विभिन्न साधनों के चलते पेश आने वाली समस्याओं को दूर करने के कॉल सेंटर बनाया जाए। टोल फ्री नंबर पर लोग संपर्क कर समस्याओं को दर्ज करवा सकें। कॉल सेंटर में आने वाली समस्याओं से संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
समस्या दर्ज करवाने वाले व्यक्ति को भी इससे सूचित किया जाएगा। अन्य फैसला लिया गया कि प्रदेश में जहां-जहां भी तीन पहिया ऑटो रिक्शा चल रहे हैं, वहां बैटरी चलित ई-रिक्शा चलाया जाए। इससे डीजल ऑटो रिक्शा के कारण होने वाले पर्यावरण के नुकसान को भी कम किया जाएगा।