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Shimla News: कोटखाई के खल्टूनाला में बहुमंजिला मकान ढहा, बारिश ने चौपाल में भी मचाई तबाही

Sat, 22 Jul 2023 09:29 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कोटखाई/चौपाल (रोहड़ू)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कोटखाई/चौपाल (रोहड़ू) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 22 Jul 2023 09:29 PM IST
सार

कोटखाई के खलटूनाला में भारी बारिश के कारण एक बहुमंजिला मकान ढह गया वहीं डंगा गिरने से कोटखाई बस अड्डा खतरे की जद में आ गया है। मकान में सात से आठ दुकानें और इतने ही रिहायशी कमरे थे। 

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Due to heavy rains multistorey building collapsed in Kotkhai, debris entered the hospital
कोटखाई में बहुमंजिला भवन गिरा, कई को खतरा - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में कोटखाई के खलटूनाला में भारी बारिश के कारण एक बहुमंजिला मकान ढह गया वहीं डंगा गिरने से कोटखाई बस अड्डा खतरे की जद में आ गया है। मकान में सात से आठ दुकानें और इतने ही रिहायशी कमरे थे। भवन को प्रशासन ने समय रहते खाली करवा दिया था। पीड़ित परिवारों को प्रशासन प्रति व्यक्ति 2,500 रुपये और अन्य जरूरी सामान वितरित कर दिया है। खल्टूनाला में सड़क पर भारी बरसात के कारण गहरी दरारें आ गई थी। इसकी वजह से मकान ढह गया। इसके साथ ही सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

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नायब तहसीलदार कोटखाई कलम सिंह चौहान ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पीड़ित लोगों को फौरी राहत प्रदान की गई है। वहीं दूसरी ओर कोटखाई बस अड्डे के भवन के साथ बड़ा डंगा भी ढह गया है। इससे बस अड्डा खतरे की जद में आ गया है। डंगा गिरने से एचआरटीसी को क्षति पहुंची है। कई दिनों पहले डंगे में दरारें नजर आने लगी थी, जो शुक्रवार देर रात भारी बरसात के कारण ढह गया। वही भवन के पीछे का डंगा भी कुछ दिन पहले गिर गया था। इससे बस अड्डे के भवन में भी हल्की दरारें प़ड़ गई हैं।
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चौपाल में आधी रात के बाद बारिश ने मचाई तबाही, बिजली गुल, दर्जनों सड़के बंद
उधर चौपाल में शुक्रवार को दिनभर मौसम के साफ रहने के बाद आधी रात को एक बार फिर शुरू हुई तेज बारिश ने खूब तबाही मचाई है। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है वहीं दर्जनों सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। चौपाल-चौकिया मार्ग पर जयगढ़ के समीप बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से नेरवा और चौपाल क्षेत्र की बिजली गुल हो गई थी। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने चौपाल की तरफ जाने वाली लाइन को काटकर नेरवा की बिजली तो करीब साढ़े नौ बजे बहाल कर दी थी, लेकिन उपमंडल मुख्यालय की बिजली करीब डेढ़ बजे बहाल हो पाई। शुक्रवार रात हुई बारिश से कई बगीचे भूस्खलन की चपेट में आने से धवस्त हो गए हैं वहीं कई घर खतरे की जद में आ गए हैं।
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भारी बारिश के चलते ग्राम पंचायत मशढ़ोह की दलित बस्ती बागडुआ (गडाह) में मकानों को ख़तरा होने से रात को ही पांच मकानों को खाली करवा दिया गया है। इसमें मुकेश पुत्र निक्का राम, जीत सिंह, दुल्ला राम, नज़र लाल और निक्का राम पुत्र पहिया राम के परिवार शामिल हैं। सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। उधर ग्राम पंचायत धनत और थरोच सहित अन्य क्षेत्रों के तहत भी कई बीघा जमीन और बगीचे भूस्खलन की चपेट में आने से नष्ट हो गए हैं। कई जगह तो बादल फटने जैसी स्थिति पैदा हो गई। इससे पानी के तेज बहाव के चलते कई सड़कों ने तो नालों का रूप ले लिया। तेज बारिश से निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते नेरवा, चौपाल शिमला मुख्य मार्ग सहित करीब सभी सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए एक बार फिर बंद हो गई हैं।

शनिवार सुबह ही शिमला पुलिस के आधिकारिक फेसबुक पेज से लोगों को शिमला-चौपाल और नेरवा मार्ग के बंद होने की सूचना दे दी गई है। सूचना के मुताबिक शिमला से देहा तक घोड़ना, राक्सा एवं बजरोली पुल, देहा तक, देहा से चौपाल के बीच अलीधार में और चौपाल से नेरवा के बीच धबास सहित कई अन्य स्थानों पर मार्ग बंद है। मार्ग के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से नेरवा चौपाल का राजधानी शिमला से संपर्क कट गया है। उधर, बरसात से लगातार चल रहे खतरे को देखते हुए पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए आपदा में बचाव और राहत कार्य के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। एसडीपीओ चौपाल राजकुमार वर्मा ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपदा में राहत कार्य के लिए 8804728028 (चौपाल), 8894728029 (नेरवा) और 8894728030 (कुपवी) पर संपर्क कर सकते हैं।

 

भारी बारिश से दो गोशालाएं ध्वस्त, पांच घरों में आईं दरारें
उधर, रामपुर उपमंडल की ननखड़ी तहसील में बारिश अपना रौद्र रूप दिखा रही है। शुक्रवार रात से जारी बारिश के कारण ननखड़ी की ग्राम पंचायत करांगला के चड़ीढारन गांव में दो गोशालाएं भूस्खलन की चपेट में आने से ध्वस्त हो गई। इनमें से एक गोशाला में रखी गाय और बछड़ी जिंदा ही दब गई। वहीं गांव के पांच लोगों के मकानों में दरारें आ गई हैं। बड़े खतरे को भांपते हुए इन मकानों को खाली करवा दिया गया है। बढ़ोग, अड्डू और खड़ाहन पंचायत के बाद अब करांगला पंचायत में भारी बारिश ने अपना कहर बरपाया है।

शनिवार सुबह हुई तेज बारिश की चपेट में आने से गांव के संजीव कुमार की गोशाला देखते ही देखते भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई, इसमें रखी एक गाय और बछड़ी भी भूस्खलन की चपेट में आने से जिंदा दब गए। वहीं, अन्य ग्रामीण कामराज की गोशाला भी बारिश की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त होकर ढह गई। गांव के पांच घर भी खतरे की जद में आ गए हैं। इन घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिस कारण ये कभी भी धराशायी हो सकते हैं। गांव के रक्षपाल, पुरुषोत्तम सिंह, लच्छी राम, गोविंद सिंह और मोहन लाल के मकानों को खतरा बना हुआ है और इन्हें खाली करवाया गया है। करांगला पंचायत प्रधान निशा देवी ने बताया कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से दो गोशालाएं ध्वस्त हो गई हैं।

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